लखीमपुर खीरी, 11 मार्च (आईएएनएस/आईपीएन)। ग्रामीण इलाकों में धड़ल्ले से बन रही कच्ची शराब के कारण देशी शराब की दुकानों के लिए आबकारी विभाग को ठेकेदार नहीं मिल रहे हैं।
लखीमपुर खीरी, 11 मार्च (आईएएनएस/आईपीएन)। ग्रामीण इलाकों में धड़ल्ले से बन रही कच्ची शराब के कारण देशी शराब की दुकानों के लिए आबकारी विभाग को ठेकेदार नहीं मिल रहे हैं।
विभाग को जिले भर की 270 दुकानों के लिए केवल 77 आवेदन ही मिले हैं। यह स्थिति तब है जब शासन ने जिले में देशी शराब का कोटा आठ फीसदी बढ़ा दिया है। वहीं अग्रेजी शराब और बियर की दुकान के लिए भी विभाग को आवेदन कम संख्या में प्राप्त हुए हैं। इन दुकानों की नीलामी की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है।
जिला आबकारी अधिकारी संजय त्रिपाठी के मुताबिक, अंग्रेजी शराब की 101 दुकानों के लिए आबकारी विभाग को 88 आवेदन मिले हैं। इसमें भी 13 दुकानों का आवंटन लटक गया है।
बियर की 70 दुकानों के लिए 57 आवेदन मिले हैं। इसमें भी 13 बियर की दुकानों का आवंटन लटका हुआ है। दो मॉडल शॉप के लिए दो आवेदन मिल गए हैं। उन्होंने बताया कि सभी प्रकार की दुकानों के लिए ऑनलाइन आवेदन लिए गए थे और लॉटरी के जरिए दुकानों की नीलामी की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
उन्होंने बताया कि शासन की ओर से दुकानों की लाइसेंस फीस में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। ठेकेदारों को यह शुल्क जमा करने पर ही लाइसेंस दिया जा रहा है।
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