अभियोजन पक्ष के अनुसार, लाडलेपुर निवासी अर्जुन यादव ने सरायख्वाजा थाने में इस आशय की रिपोर्ट दर्ज कराया था कि उसनें अपनी लड़की रीना उर्फ रिंकी की शादी 25 मई, 2009 को सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के बिछलापुर निवासी संजय कुमार यादव पुत्र रामफेर उर्फ बाबूराम के साथ किया था। पुत्री विदा होकर ससुराल गई तो उसके पति संजय संग ससुरालियों ने जिसमे ससुर रामफेर, सास अमरावती, ननद मंजू उर्फ सरीता, ममता तथा देवर राजकुमार दहेज में मोटरसाइकिल की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित करने लगे।
मांग पूरी न होने पर 18 जनवरी, 2013 की रात रस्सी का फंदा बनाकर रीना के गले में डालकर हत्या कर दी गई। उसके शरीर पर चोट के काफी निशान भी मिले थे। गले में रस्सी के कसाव का निशान पाया गया था।
पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी कर आरोपपत्र के साथ पति, सास व ससुर के खिलाफ पर्याप्त सबूत पेश किए थे। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अरशद बहाव ने पुलिस की ओर से कुल नौ गवाह कोर्ट में पेश किए।
न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की बहस सुनकर और साक्ष्यों के परिशीलन के बाद आरोपी पति संजय यादव को दोषी करार देते हुए दस वर्ष का सश्रम कारावास एवं पंद्रह सौ रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
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