नहदौरा गांव निवासी 55 वर्षीय मुरलीधर पुत्र गोपाल यादव के पास पांच एकड़ कृषि योग्य जमीन है, जिस पर खेती कर वह अपने परिवार का पेट पालता था। उसकी चार पुत्रियां हैं, जिनमें से तीन का विवाह वह कर चुका है। इनके विवाह के लिए साहूकारों से भी उसने लगभग 3 लाख रुपये कर्ज ले चुका था। वहीं किसान पर बैंक का भी लगभग पांच लाख रुपये कर्ज बकाया था।
खेती में हो रहे लगातार नुकसान तथा बैंक व साहूकारों का कर्ज चुकता करने की फिकर में किसान बुरी तरह से परेशान रहता था। वहीं उसने अपनी चौथी पुत्री भारती का रिश्ता भी तय कर दिया था, जिसका विवाह अप्रैल में होना था। बेटी की शादी की चिंता भी उसे दिन-रात खाए जा रही थी।
मृतक के भतीजे राधेश्याम पुत्र जगतसिंह ने बताया कि उसके चाचा मुरलीधर इन सभी चिंताओं से ग्रसित अपनी फसलों को देखने खेतों पर गया था। जहां हाल ही में हुई बारिश और ओलावृष्टि के कारण बुरी तरह नष्ट फसलें देख उसका दिल बुरी तरह से टूट गया। वह खेत से बुझे मन से जैसे ही घर लौटा वैसे ही उसका शरीर सुन्न पड़ने लगा।
किसान की हालत बिगड़ते देख परिजनों ने उसे अस्पताल ले जाने का प्रयास किया, लेकिन रास्ते में ही किसान ने दम तोड़ दिया।
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