लखनऊ, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में फर्जी पीसीएस अधिकारी बनकर लोगों से पैसे ठगने वाले एक व्यक्ति और उसके दो साथियों को पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि फर्जी पीसीएस अधिकारी बनकर इटौंजा के रामपाल द्विवेदी ने दर्जनों लोगों से लाखों रुपये ठग लिए।
पुलिस ने उसकी जालसाजी में साथी तरुण और कथित तौर पर पीए की भूमिका निभाने वाले कुलदीप रस्तोगी को भी गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक तीनों नीली बत्ती लगी स्विफ्ट कार से चलते थे। ये लोग टेंडर, बैंक से लोन दिलाने और एटीएम लगवाने के नाम पर भोले भाले लोगों को ठगते थे। एक महिला की शिकायत पर साइबर सेल ने तीनों को गिरतार किया। पुलिास ने नीली बत्ती लगी कार भी बरामद कर ली है।
हजरतगंज के क्षेत्राधिकारी अशोक कुमार वर्मा ने कहा कि रामपाल द्विवेदी (49) खुद को पीसीएस अधिकारी कमल अवस्थी बताता था। जब कोई व्यक्ति बैंक से लोन दिलाने के लिए सम्पर्क करता तो वह अपना परिचय बैंकों के नोडल अधिकारी के रूप में देता था।
पुलिस अधिकारी के मुताबिक उसका दूसरा साथी हरदोई निवासी कुलदीप रस्तोगी भी कई बार फर्जी बैंक अफसर बना था। वह अपना फर्जी नाम के.डी. सिंह बताता था। इसी तरह इटौंजा का ही तरुण ड्राइवर था और वह अपना फर्जी नाम मोनू बताता था।
उन्होंने बताया कि इन लोगों के पास से गोंडा, मऊ, अम्बेडकरनगर, अलीगढ़, गौतमबुद्घनगर समेत कई जिलों की फर्जी मुहरें और कई फर्जी पहचान पत्र भी बरामद किए गए हैं।
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