लखनऊ , 5 मार्च (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में शनिवार को विधानसभा में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सदस्यों ने एक तरफ जहां आगरा के सत्येंद्र कुमार की हत्या का मामला जोर-शोर से उठाया, वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शिक्षा के अधिकार के तहत निजी स्कूलों में गरीब छात्रों को दाखिला न मिलने का मुद्दा उठाया।
बसपा सदस्यों ने शनिवार को सत्येंद्र कुमार की हत्या के मामले को लेकर सदन में नारेबाजी की और बैनर लहराए। उन्होंने कहा कि सत्येंद्र कुमार के परिजनों को 20 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए।
विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि उन्हें अपनी बात रखने का मौका दिया जाएगा। इसके बाद बसपा सदस्यों ने सदन के समक्ष अपनी बात रखते हुए कहा कि माफियाओं के इशारे पर उसकी हत्या कर दी गई। इस मामले में पुलिस ने भी कार्रवाई नहीं की। सत्येंद्र के परिजनों को धमकी दी जा रही है।
संसदीय कार्य मंत्री आजम खां ने कहा कि इस मामले में वह मुख्यमंत्री से बात करेंगे। उन्होंने मामले में उचित कार्रवाई किए जाने का आश्वासन भी दिया।
भाजपा के सदस्यों ने शनिवार को विधानसभा में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) का मुद्दा उठाया। निजी स्कूलों में गरीब छात्रों को दाखिला न दिए जाने का आरोप लगाते हुए भाजपा सदस्यों ने सरकार को घेरा और फिर सदन से बहिर्गमन कर गए।
भाजपा विधायक डॉ. राधामोहन दास अग्रवाल ने यह मामला उठाते हुए कहा कि आरटीई के तहत यूपी के निजी स्कूलों में गरीब छात्रों को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार ने नियमावली में गलत तरीके से संशोधन करके गरीब बच्चों के प्रवेश की बाध्यता खत्म कर दी है। इससे स्कूल मनमानी करने लगे हैं।
विधानसभा में कांग्रेस के पंकज मलिक ने शनिवार को बदायूं के भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा (भाजयुमो) के जिलाध्यक्ष कुलदीप वाष्र्णेय के विवादास्पद बयान का मुद्दा उठाया। वाष्र्णेय ने शनिवार को बदायूं में कहा कि जो कोई जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार की जीभ काटकर लाएगा, उसे वह पांच लाख रुपये का इनाम देंगे।
उन्होंने इस मामले को उठाते हुए चर्चा कराए जाने की भी मांग की, जिस पर संसदीय कार्यमंत्री आजम खां ने उचित कार्रवाई करने का भरोसा दिलाते हुए कहा कि वह इस मामले को देखेंगे।
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