लखनऊ, 12 फरवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में विधानमंडल सत्र के दौरान सोमवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्यों ने इलाहाबाद में दलित छात्र की हत्या और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा समाजवादियों को आतंकवादी कहे जाने को लेकर विधान परिषद में जमकर हंगामा किया।
इसे देखते हुए सदन की कार्यवाही को दो बार स्थगित की गई। सपा ने इस मुददे को लेकर मुख्यमंत्री से माफी मांगने की मांग की है।
विधान परिषद की कार्यवाही दो दिन के अवकाश के बाद सोमवार को जैसे ही शुरू हुई तभी विधान परिषद में विपक्षी दलों ने प्रदेश की खराब कानून-व्यवस्था का मामला उठाकर हंगामा शुरू कर दिया।
विधान परिषद में दोपहर 12 बजे सदन की कार्यवाही के शुरू होते ही सपा सदस्यों ने वेल में आकर हंगामा और नारेबाजी शुरू कर दी ।
सपा के सदस्यों ने मुख्यमंत्री से माफी मांगने की मांग करते हुए सभापति पर कागज के गोले फेंके । हंगामे को देखते हुए सभापति ने विधान परिषद को कल (मंगलवार) तक के लिए स्थगित कर दिया।
इससे पहले विधान परिषद में सदन की कार्यवाही शुरू होते ही समाजवादी पार्टी के साथ बहुजन समाज पार्टी के नेताओं ने इलाहाबाद में दो दिन पहले दलित छात्र की हत्या का मामला उठाया। साथ ही कांग्रेस ने प्रदेश की ध्वस्त कानून-व्यवस्था के लिए सरकार को घेरने का प्रयास किया।
विधान परिषद में सपा नेता अहमद हसन ने पत्रकारों से कहा कि समाजवादियों को आतंकवादी कहना दुर्भाग्यपूर्ण है। इसके लिए मुख्यमंत्री को सदन में आकर मांफी मांगना चाहिए। जब तक योगी माफी नहीं मांगेगे तबतक विपक्ष चुप नहीं बैठेगा।
गौरतलब है कि इलाहाबाद में दो दिन पहले एलएलबी के दलित छात्र की हत्या कर दी गई थी। बसपा नेता इस पर चर्चा करने की मांग कर रहे थे। इसके बाद सपा नेताओं ने सीएम योगी द्वारा समाजवादियों को आतंकवादी कहे जाने पर हंगामा किया और मुख्यमंत्री से मांफी मांगने की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की।
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