28 जुलाई, 2009 की शाम मइयादीन, चंदा, पप्पू व राकेश पेड़ के नीचे ताश के पत्ते खेल रहे थे, तभी पुरानी रंजिश में ममना निवासी राजेंद्र ने कुंदनलाल के बेटे मइयादीन की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी थी।
मृतक के छोटे भाई राकेश ने इस घटना की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई थी। विशेष न्यायाधीश (ईसीएक्ट) संजय यादव की अदालत ने इस मुकदमे की सुनाई करते हुए आरोपी राजेंद्र को उम्रकैद की सजा सुनाई है। उस पर अदालत ने बीस हजार रुपये का जुर्माना भी किया है।
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