बेंगलुरू, 19 जून (आईएएनएस)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने तीन साल पुरानी अपनी सरकार में रविवार को 13 नए मंत्रियों को शामिल किया, और इतने ही मंत्रियों को मंत्रिमंडल से हटा दिया।
बेंगलुरू, 19 जून (आईएएनएस)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने तीन साल पुरानी अपनी सरकार में रविवार को 13 नए मंत्रियों को शामिल किया, और इतने ही मंत्रियों को मंत्रिमंडल से हटा दिया।
राज्यपाल वजूभाई आर. वाला ने यहां राजभवन के लॉन में आयोजित एक सादे समारोह में नौ नए कैबिनेट मंत्रियों और चार राज्य मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
नौ कैबिनेट मंत्रियों में के.थिम्मप्पा, के.आर.रमेश कुमार, बासवाराजा रायरेड्डी, मेति हुल्लप्पा यमनप्पा, तनवीर सैत, एस.एस.मल्लिकार्जुन, एम.आर.सीताराम, संतोष एस. लाड और रमेश लक्षमणराव जरकीहोली शामिल हैं।
चार राज्यमंत्रियों में प्रियंक एम. खड़गे, ईश्वर कांद्रे, प्रमोद माधवराज और रुद्रप्पा मनप्पा लामानी शामिल हैं।
कांग्रेस हाईकमान ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जी. परमेश्वरा के साथ दो दिन तक विचार-विमर्श करने के बाद नए मंत्रियों की सूची को मंजूरी दी थी।
यद्यपि मंत्री बनाने के लिए 14 विधायकों की सूची तैयार की गई थी, लेकिन बेंगलुरू की एक विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले एम. कृष्णप्पा को बगैर कोई कारण बताए अंतिम सूची से हटा दिया गया।
थिम्मप्प फिलहाल विधानसभा अध्यक्ष हैं, जबकि रमेश कुमार एक दशक पहले कांग्रेस की सरकार में विधानसभा अध्यक्ष थे।
प्रियंक लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़के के पुत्र हैं, जबकि लाड तीन वर्ष बाद मंत्रिमंडल में वापस लौटे हैं। उन्होंने नवंबर 2013 में तत्कालीन भाजपा सरकार के दौरान राज्य में सामने आए खनन घोटाले को लेकर सूचना एवं अवसंरचना विकास राज्यमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था।
कर्नाटक के 34 सदस्यीय मंत्रिमंडल से जिन 13 मंत्रियों की छुट्टी हुई है, उनमें श्रीनिवास प्रसाद, किमाने रत्नाकर, बाबूराव चिनचानसुर, कमरुल इस्लाम, एम.एच. अंबरीश, दिनेश गुंडू राव, सतीश जरकीहोली, शमानुर शिवशंकरप्पा, पी.टी परमेश्वर नाईक, विनय कुमार सोराके और एस.आर.पाटील शामिल हैं।
मंत्रिमंडल में यह बड़ा फेरबदल ऐसे समय में हुआ है, जब सप्ताह भर पहले ही कांग्रेस ने राज्य की चार राज्यसभा सीटों में से तीन और सात विधानपरिषद सीटों में से चार सीटों पर द्विवार्षिक चुनाव में जीत दर्ज कराई है।
पार्टी के एक पदाधिकारी ने कहा, “इस फेरबदल से पूरे राज्य में सभी जातियों और क्षेत्रों के सभी लोगों का समान प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो सकेगा।”
मल्लिकार्जुन ने दावंगेरे से अपने पिता शिवशंकरप्पा का स्थान लिया है, जबकि रमेश ने बेलागावी जिले से अपने बड़े भाई सतीश का स्थान लिया है।
उल्लेखनीय है कि हाल के विधानसभा चुनाव में असम और केरल में कांग्रेस की हार के बाद अब मात्र कर्नाटक एक बड़ा राज्य है, जहां कांग्रेस सत्ता में है।
सिद्धारमैया और परमेश्वरा को आशा है कि सूखा संकट, किसानों की आत्महत्या और लगातार विवादों से खराब हुई पार्टी की छवि इस फेरबदल से सुधर जाएगी।
एक सूत्र ने कहा, “सिद्धारमैया मंत्रिमंडल में नए और युवा लोगों को शामिल करना चाहते हैं और कुछ कुछ मंत्रियों को हटाकर उन्हें 2018 के प्रारंभ में होने वाले अगले विधानसभा चुनाव के लिए काम सौंपना चाहते हैं।”
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