श्रीनगर, 4 नवंबर- सेना ने जम्मू एवं कश्मीर के बड़गाम जिले में सोमवार शाम अपने जवानों की गोली से दो युवकों की हुई मौत के मामले की जांच के आदेश मंगलवार को दे दिए। सेना ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही है। रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने गोलीबारी की घटना को अत्यंत खेदजनक बताया था और एक निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया था।
सेना की ओर से मंगलवार को जारी बयान में कहा गया है, “सेना को युवकों की मौत पर दुख है। इस बात की जांच के आदेश दिए गए हैं कि आखिर किन परिस्थतियों में जवानों को गोली चलानी पड़ी। इस मामले में जो दोषी पाया जाएगा, उससे सख्ती से निपटा जाएगा।”
जेटली ने भी सोमवार को दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया था।
जेटली ने एक ट्वीट में कहा था, “कश्मीर घाटी के बड़गाम की घटना अत्यंत खेदजनक है। एक निष्पक्ष जांच होगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।”
श्रीनगर से 20 किलोमीटर दूर बड़गाम जिले के चत्तरगाम गांव में 53 राष्ट्रीय रायफल्स के जवानों ने एक मारुति कार पर गोली चला दी थी, जिसमें फैसल यूसुफ भट और मेहराजुद्दीन डार की मौत हो गई, जबकि शाकिर भट और जाहिद नकाश घायल हो गए। युवक श्रीनगर जिले क नौगाम इलाके के रहने वाले थे।
सेना का कहना है कि मोबाइल व्हिकल चेक पोस्ट (एमवीसीपी) ने कार को रुकने का संकेत दिया था, लेकिन चालक ने कार नहीं रोकी।
सेना को नौगाम-पुलवामा सड़क पर एक सफेद मारुति 800 कार में तीन नवंबर को आतंकवादियों की गतिविधियों के बारे में सूचना मिली थी, जिसके बाद इस मार्ग पर तीन एमवीसीपी को तैनात किया गया।
बयान में कहा गया है, “शाम करीब पांच बजे सफेद मारुति 800 कार पहली चौकी के पास पहुंची, जहां सुरक्षाकर्मियों ने कार को रोकने की कोशिश की, लेकिन यह नहीं रुकी। दूसरी चौकी पर भी कार नहीं रुकी। तीसरी चौकी पर कार ने इसे तोड़ने की कोशिश की, जिसके बाद जवानों ने गोली चलाई, जिसमें चार युवक घायल हो गए।”
घायलों को सेना के अस्पताल ले जाया गया, जहां दो ने दम तोड़ दिया।
श्रीनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि युवकों का आतंकवादियों से कोई संबंध नहीं था।
पुलिस महानिरीक्षक (कश्मीर क्षेत्र) अब्दुल गनी भट ने आईएएनएस को बताया कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है और जांच शुरू कर दी गई है।