नई दिल्ली, 4 जनवरी (आईएएनएस)। अभिनेता, निर्माता संजय सूरी ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) द्वारा अपनी आगामी फिल्म ‘चौरंगा’ से कुछ अतंरग दृश्यों को हटाए जाने पर ऐतराज जाहिर किया है और कहा है कि कहानी के अनुरूप जरूरी दृश्यों को काटना गलत है। उसकी जगह फिल्म को ‘ए’ सर्टिफिकेट दिया जाना चाहिए।
संजय ने आईएएनएस को कहा, “सीबीएफसी सिनेमाटोग्राफ अधिनियम (1952) के दिशा-निर्देशों का पालन कर रहा है, जिसकी काफी समय से समीक्षा नहीं की गई है। उस दौर के दिशा निर्देश और तब के नजरिए में काफी भिन्नता हो सकती है। जो मेरे लिए हिंसा है, हो सकता है दूसरे के लिए न हो।”
‘फिलहाल’, ‘आई एम सॉरी’ और ‘सॉरी ब्रदर’ जैसी फिल्मों में अपने अभिनय के लिए मशहूर अभिनेता ने कहा, “अगर फिल्म की कहानी के अनुरूप महत्वपूर्ण दृश्य को काट दिया जाता है, तो यह गलत है। ऐसे में दृश्य को काटने की जगह उसे ‘ए’ सर्टिफिकेट दिया जा सकता है।”
सूरी ने कहा, “इस प्रकार आप मेरी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अकुंश लगा रहे हैं। पोर्न (अश्लील) दृश्यों को काटना सही है, लेकिन फिल्म की कहानी के अनुरूप लंबे या छोटे चुंबन दृश्य में क्या अतंर है।”
बोर्ड की चयन प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, “कोई अन्य कैसे यह तय कर सकता है कि समाज क्या देखे? इस प्रकार आप समाज पर अंकुश लगा रहे हैं।”
विकास रंजन मिश्रा निर्देशित फिल्म में सूरी के साथ ही तनीषा चटर्जी और सोहम मित्रा भी हैं। फिल्म शुक्रवार को रिलीज की जाएगी।
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