पणजी, 20 नवंबर (आईएएनएस)। गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री और गोवा कांग्रेस के अध्यक्ष लुइजिन्हो फलेरियो ने देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के आपातकाल लगाने के फैसले को परिस्थितिजन्य करार देते हुए इसकी तुलना फ्रांस की राजधानी पेरिस में बीते शुक्रवार को हुए आतंकवादी हमलों के बाद राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद द्वारा लगाए गए आपातकाल से की।
कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य फलेरियो ने गुरुवार को इंदिरा को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि देने के दौरान संवाददाताओं से कहा, “ओलांद ने फ्रांस में आपातकाल की घोषणा करते हुए कहा कि यह तीन माह या इससे समय तक भी चल सकता है। हम जब इंदिरा गांधी के आपातकाल लगाने की निंदा करते हैं, तो हमें समझना चाहिए कि उस वक्त कुछ लोग खालिस्तान बनाने की मांग कर रहे थे, जबकि अन्य भारत को तबाह करने की कोशिश कर रहे थे।”
राजधानी पेरिस में 13 नवंबर को बर्बर आतंकवादी हमले हुए, जिसके मद्देनजर राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने देश में आपातकाल लगा दिया। इन आतंकवादी हमलों की जिम्मेदारी आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने ली है।
फलेरियो ने जोर देकर कहा कि स्वतंत्रता, आजादी एवं समानता को महत्व देने वाला फ्रांस जैसा देश भी नाजुक परिस्थितियों में आपातकाल लगाने को मजबूर हो गया।
फलेरियो ने यह भी कहा कि लोग इंदिरा गांधी द्वारा लगाए आपातकाल को अक्सर भारत पर एक धब्बे की तरह देखते हैं, लेकिन कांग्रेस को इस पर गर्व होना चाहिए कि इंदिरा गांधी की दूरदर्शिता ने देश को एकजुट रखा। देश में 1975 से 1977 तक आपातकाल रहा।
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