नई दिल्ली, 20 जुलाई (आईएएनएस)। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बुधवार को देश में दलितों और अल्पसंख्यकों के प्रति ‘अत्याचारों’ की निंदा करते हुए कहा कि पार्टी संसद में गुजरात के उना में दलित की खुदकुशी का मुद्दा उठाएगी।
सोनिया ने यहां कांग्रेस संसदीय दल की बैठक को संबोधित करते हुए कहा, “मोदी सरकार ने वन अधिकार अधिनियम के तहत आदिवासियों, दलितों और परंपरागत वनवासियों के अधिकार छीन लिए हैं और पर्यावरण अधिकारों को कमजोर कर रही है।”
उन्होंने कहा, “अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अल्पसंख्यकों के खिलाफ क्रूर अत्याचार हमें शर्मसार कर रहे हैं। गुजरात की हालिया घटना जिसमें चार दलित युवकों को क्रूरता से पीटा गया और सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया, वह उस सामाजिक आतंक का केवल एक उदाहरण है जिसकी यह सरकार अनदेखी करती है।”
सोनिया ने कांग्रेस सांसदों से कहा, “हम संख्या में कम भले ही हों, लेकिन हम अपने काम से इसकी भरपाई कर लेंगे और संसद के जरिए जवाबदेही की मांग करते रहेंगे। मैं आप सभी पर सक्रिय रहने, आक्रामक होने और सरकार और मंत्रियों को उनके कथन और कृत्यों के लिए जवाबदेह बनाने को लेकर भरोसा करती हूं।”
पिछले सप्ताह मंगलवार को उना शहर में चार दलित युवकों की पिटाई के बाद गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन अशांति में तब्दील हो गया। घटना के विरोध में एक दलित ने आत्महत्या कर ली और भीड़ ने एक पुलिसकर्मी की हत्या कर दी थी। जिस दलित ने खुदकुशी की है, वह उन पांच दलितों में शामिल था जिन्होंने दलितों की पिटाई के विरोध में गुजरात के अलग-अलग हिस्सों में जान देने की कोशिश की थी।
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