ताओ ने कहा कि चीन के विभिन्न कदमों से नवाचारोन्मुख कंपनियों का मनोबल बढ़ेगा।
चीन की सरकार ने ‘नया नॉर्मल’ अंदाज के तहत विकास दर थोड़ी घटाई है, लेकिन अधिक टिकाऊ विकास दर को बढ़ावा दिया है। इसके तहत सरकार ने आर्थिक संरचना का आधिकाधिक लाभ उठाने के लिए, उभरते उद्योगों को सहयोग देने के लिए और ऊंची मूल्य श्रंखला वाले उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाए हैं।
इस बीच चीन की बेल्ट एंड रोड पहलों के बारे में ताओ ने कहा कि इससे चीन के खुलेपन के नए तरीके अपनाने का पता चलता है।
ताओ ने कहा, “इससे चीन की कंपनियों को वैश्विक गतिविधि बढ़ाने के लिए और विदेशी कंपनियों को चीन से नाता बढ़ाने के लिए अधिक अवसर हासिल होंगे।”
वर्ष 2015 में चीन की विकास दर 6.9 फीसदी रही। यह दर पिछले 25 साल में सबसे कम है। इसकी वजह से चीन की अर्थव्यवस्था को लेकर कुछ संदेह उत्पन्न हुआ है।
दुनिया की 500 प्रमुख कंपनियों में से कई कंपनियों के प्रमुखों ने हालांकि चीन की अर्थव्यवस्था पर भरोसा जताया है।
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