रायपुर-छत्तीसगढ़ में पड़ रही तेज गर्मी और हीट वेव के बीच जनगणना ड्यूटी को लेकर शिक्षकों में असंतोष तेजी से बढ़ रहा है। प्रदेश में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। वहीं,1 मई से शुरू होने वाले जनगणना के पहले चरण को लेकर शिक्षक इसे स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा बता रहे हैं। उनका कहना है कि ऐसे हालात में घर-घर जाकर सर्वे करना बेहद कठिन और खतरनाक है।
राज्य में जनगणना का पहला चरण 1 मई से 30 मई तक निर्धारित किया गया है। इस दौरान हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस के तहत हर घर, परिवार और उपलब्ध सुविधाओं का विस्तृत डेटा जुटाया जाएगा। इसके लिए शिक्षकों सहित कर्मचारियों को डोर टू डोर जाकर जानकारी जुटानी होगी। जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई है।
शिक्षक संगठनों ने मांग उठाई है कि इस कार्य को मई की बजाय जून से शुरू किया जाए। उनका तर्क है कि मई-जून प्रदेश में सबसे ज्यादा गर्मी वाले महीने होते हैं और इसी दौरान स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश भी रहता है। ऐसे में छुट्टियों के बीच फील्ड ड्यूटी देना अनुचित है। शिक्षकों का आरोप है कि सरकार अवकाश का इस्तेमाल कर उनसे जबरन काम करा रही है।
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