नई दिल्ली, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मालदीव के राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन अब्दुल गयूम ने सोमवार को यहां दोपहर के भोज पर द्विपक्षीय वार्ता की।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने ट्वीट कर बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति यामीन के लिए हैदराबाद हाउस में दोपहर का भोज दिया।
इससे पहले विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने राष्ट्रपति यामीन से मुलाकात की थी।
यामीन स्वदेश रवाना होने से पहले सोमवार शाम राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से भी मिलने वाले हैं।
राष्ट्रपति यामीन ने इससे पहले जनवरी 2014 में भारत की यात्रा की थी। इसके बाद वह मई 2014 में मोदी सरकार के शपथ-ग्रहण समारोह में भी शामिल हुए थे।
मालदीव के साथ भारत के कूटनीतिक संबंध को पिछले साल 50 वर्ष पूरे हो गए। दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक घनिष्ठ संबंध भी हैं। लेकिन, भारतीय हिंद महासागर क्षेत्र में चीन के बढ़ते दखल तथा निवेश के मद्देनजर यामीन की यह यात्रा काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज नवंबर 2014 में मालदीव गई थीं। अक्टूबर 2015 में भी वह भारत-मालदीव संयुक्त आयोग वार्ता में शामिल होने के लिए मालदीव गई थीं, जो 15 वर्षो के बाद आयोजित हुई थी।
मालदीव उच्चायोग की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इस साल विदेश मंत्री, पर्यटन मंत्री और रक्षा मंत्री तथा विदेश सचिव के नेतृत्व में मंत्रिमंडल स्तरीय प्रतिनिधिमंडल का भारत दौरा हुआ, जिससे भारत व मालदीव के द्विपक्षीय संबंध और भी मजबूत हुए।
मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद को नई दिल्ली की ओर से समर्थन किए जाने से दोनों देशों के रिश्ते असहज हो गए थे। लेकिन, भारत ने यमीन के साथ संबंध प्रगाढ़ करने की इच्छा जाहिर की है।
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