विशाखापत्तनम, 2 नवंबर (आईएएनएस)। पिछले हफ्ते पुलिस मुठभेड़ में 30 नक्सलियों के मारे जाने के विरोध में नक्सलियों ने गुरुवार को पांच राज्यों में 24 घंटे बंद रखने का आह्वान किया है। इसे देखते हुए सुरक्षा बलों को आंध्र प्रदेश-ओडिशा सीमा के कई क्षेत्रों में सतर्क कर दिया गया है।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) ने इस मुठभेड़ को फर्जी करार देते हुए आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र बंद का आह्वान किया है।
पुलिस ने उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा के सीमाई जिले विशाखापत्तनम, श्रीकाकुलम और विजयनगरम में सुरक्षा बढ़ा दी है।
सुरक्षाकर्मियों को क्षेत्र में वाहनों की जांच करते देखा गया। पुलिस ने विशाखापत्तनम के जनजातीय क्षेत्रों की भी सुरक्षा बढ़ाई है।
पुलिस सूत्रों ने कहा कि सतर्कता के सभी उपाय किए गए हैं, ताकि नक्सलियों के किसी भी संभावित हमले को नाकाम किया जा सके। नक्सलियों ने इन मौतों का
बदला लेने की धमकी दी है। जनप्रतिनिधियों को सलाह दी गई है कि सभी एहतियात बरतें। उन्हें यह भी कहा गया है कि दूर दराज के इलाकों का दौरा करने से पहले पुलिस को सूचित करें।
आंध्र प्रदेश के पुलिस महानिदेशक एन. सम्बाशिवा राव ने अधिकारियों को सुरक्षा-व्यवस्था कड़ी करने का निर्देश दिया है।
तेलंगाना में पुलिस ने छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की सीमा से लगे जिलों की सुरक्षा-व्यवस्था कड़ी कर दी है, ताकि बंद के दौरान हिंसा नहीं हो।
आंध्र प्रदेश और ओडिशा की सीमा पर ओडिशा के मलकानगिरि जिले में कथित गोलीबारी में जो 30 नक्सली मारे गए हैं, उनमें कुछ शीर्ष नक्सली नेता भी शामिल थे।
भाकपा(माओवादी) ने पुलिस पर उसके कार्यकर्ताओं को गुप्त अभियान में हत्या करने का आरोप लगाते हुए बंद का आह्वान किया है।
भाकपा(माओवादी) की केंद्रीय कमेटी के प्रवक्ता प्रताप ने पिछले हफ्ते एक बयान में स्वीकार किया था कि इन हत्याओं से बहुत बड़ा धक्का लगा है, लेकिन उन्होंने कहा था कि संगठन जल्द ही इससे उबर जाएगा।
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