पटना, 29 मार्च (आईएएनएस)। बिहार के राजगीर स्थित अंतर्राष्ट्रीय नालंदा विश्वविद्यालय में एक छात्र पर विश्वविद्यालय की छात्राओं ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए आरोपी पर कार्रवाई करने की मांग को लेकर बुधवार को धरना दिया। इस बीच आरोपी छात्र को विश्वविद्यालय से निलंबित कर दिया गया है तथा उसके निष्कासन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि इसी महीने विश्वविद्यालय की कुछ छात्राओं ने स्नातकोत्तर (द्वितीय वर्ष) के एक छात्र पर यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से शिकायत की थी।
इस बीच छात्राओं ने आरोपी छात्र पर कार्रवाई नहीं होता देख बुधवार को विश्वविद्यालय प्रशासन पर आरोपी छात्र को बचाने का आरोप लगाते हुए धरना दिया। धरना दे रहे छात्र-छात्राओं ने दोषी छात्र पर त्वरित कार्रवाई कर निष्कासित करने की मांग की। छात्रों का कहना है कि इस मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा लीपापोती की जा रही है।
इधर, विश्वविद्यालय की जनसंपर्क अधिकारी स्मिता पोलाईट ने आईएएनएस को बताया कि शिकायत के तत्काल बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस मामले में ‘इंटरनल कंप्लेंट्स समिति’ (आईसीसी) का गठन कर मामले की जांच प्रारंभ की। इस मामले में 20 मार्च की रात को आईसीसी ने एक छात्र को दोषी पाया और इसकी सूचना विश्वविद्यालय प्रशासन को दे दी।
उन्होंने बताया कि प्रभारी कुलपति ने अधिकारियों से सलाह लेने के बाद और रजिस्ट्रार की सलाह पर 27 मार्च को आईसीसी के अनुमोदन को अनुमोदित कर दिया और 28 मार्च को आरोपी छात्र को एक अन्य छात्रावास में स्थानांतरित कर दिया। इसके बाद बुधवार को छात्र को निलंबित कर दिया गया। उन्होंने बताया कि छात्र के निष्कासन की प्रक्रिया जारी है।
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