नई दिल्ली, 27 जनवरी (आईएएनएस)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने नगर निगम के मजदूरों को वेतन जारी करने की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए बुधवार को केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार तथा तीनों नगर निगमों को नोटिस जारी किया।
बकाया वेतन को लेकर कर्मियों द्वारा तीन दिनों की हड़ताल पर जाने के फैसले के बाद यह आदेश सामने आया है।
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जी.रोहिणी तथा न्यायमूर्ति जयंत नाथ की खंडपीठ ने दिल्ली पुलिस को भी यह निर्देश दिया है कि वह सुनिश्चित करे कि नगर निगम के मजदूरों को कार्यो के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
न्यायालय ने दिल्ली सरकार, नई दिल्ली नगर निगम (एनडीएमसी), दक्षिण दिल्ली नगर निगम (एसडीएमसी), पूर्वी दिल्ली नगर निगम (ईडीएमसी) तथा दिल्ली विकास प्राधिकरण से दो फरवरी को होनेवाली अगली सुनवाई के दौरान जवाब मांगा है।
सफाईकर्मियों ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निवास पर बुधवार को विरोध-प्रदर्शन भी किया।
सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार की तरफ से पेश हुए वकील राहुल मेहरा ने पीठ से कहा कि सरकार ने नागरिक एजेंसियों के लिए सौ फीसदी फंड जारी किया है।
मेहरा ने न्यायालय से कहा कि एमसीडी के मजदूरों ने हड़ताल वापस ले ली है। जून तथा अक्टूबर 2015 में दिल्ली नगर निगम के विभिन्न निकाय-ईडीएमसी, एनडीएमसी, एसडीएमसी- के सफाईकर्मी हड़ताल पर चले गए थे, जिसके कारण राजधानी के विभिन्न भागों में कूड़ा जमा हो गया था।
याचिकाकर्ता राहुल बिड़ला ने कहा, “दिल्ली में सफाई की स्थिति इस कदर बिगड़ गई थी कि विभिन्न रोगों के प्रकोप का खतरा हो गया था।”
उन्होंने कहा कि एमसीडी को तीन भागों में बांटने के बाद राजस्व की कमी के कारण नगर निकायों की वित्तीय हालत बिगड़ गई है।
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