नई दिल्ली, 10 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने शनिवार को कहा कि बिहार में 11 साल बाद राजद के पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन जेल से बाहर आ गए हैं, सुशासन का दावा करने वाले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का असली ‘लिटमस टेस्ट’ अब होगा।
प्रसाद ने संवाददाताओं से कहा, “नीतीश कुमार का असली लिटमस टेस्ट अब होने वाला है, या तो वह बिहार को फिसल कर कानून विहीन और जंगलराज के नियंत्रण में जाने देंगे या वह ऐसे मौके पर सख्ती दिखाएंगे।”
उन्होंने सवाल किया, हमलोगों की एक बहुत वाजिब चिंता है कि बहुत सारे ऐसे लोग हैं जो शहाबुद्दीन के अपराधों के पीड़ित हैं। क्या जिन लोगों ने उनके और उनके वफादारों के खिलाफ गवाही दी है, उन्हें उचित सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी? शहाबुद्दीन को कई मामलों में उन्हें दोषी करार दिया जा चुका है। उनके खिलाफ कई जघन्य अपराधों के मुकदमे चल रहे हैं।
प्रसाद ने कहा, “वे लोग बहुत डर कर रह रहे हैं.. इनमें कुछ पत्रकार भी हैं। कुछ ने मौत का सामना किया और कई तो मर भी गए हैं।”
भाजपा नेता की यह प्रतिक्रिया बिहार की भागलपुर जेल से शनिवार की सुबह शहाबुद्दीन की रिहाई के बाद आई है।
पटना उच्च न्यायालय ने चार दिन पहले शहाबुद्दीन को एक गवाह की हत्या के मामले में जमानत दी थी।
जेल से बाहर आने के बाद शहाबुद्दीन ने राष्ट्रीय जनता पार्टी के प्रमुख लालू प्रसाद को अपना नेता करार दिया और कहा कि नीतीश कुमार ‘परिस्थितिजन्य मुख्यमंत्री हैं।’
इस सवाल पर कि क्या राजद और नीतीश कुमार के जनता दल-युनाइटेड में अनबन चल रही है, प्रसाद ने कहा, “नीतीश कुमार के खिलाफ कौन क्या आरोप लगा रहा है यह मेरी चिंता नहीं है। यह उनका मामला है, वह इसका संज्ञान लें।”
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