नोटबंदी : चाय बागान मजदूरों के हित में कदम उठाएंगे त्रिपुरा, असम

अगरतला/सिल्चर/आइजोल/कोहिमा, 15 नवंबर (आईएएनएस)। नोटबंदी की घोषणा के बाद नकदी की समस्या से चाय बागान में काम करने वाले मजदूरों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से असम और त्रिपुरा की सरकारों ने खास पहल की है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

दोनों राज्यों के अधिकारियों ने मंगलवार को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के अधिकारियों और निजी क्षेत्र के बैंक अधिकारियों के साथ बैठक कर चाय बागान में काम करने वाले मजदूरों को वेतन देने की समस्या का समाधान निकालने पर चर्चा की, क्योंकि इनमें से अधिकांश मजदूरों के बैंक खाते ही नहीं खुले हैं।

काछार के उपायुक्त एस. विश्वनाथन ने सिल्चर में पत्रकारों को बताया, “बैठक के बाद दक्षिणी असम के तीन शहरों -काछार, करीमगंज और हैलाकांडी- के उपायुक्तों के नाम पर अस्थायी बैंक खाते खोले गए।”

उन्होंने बताया, “चाय बागान मालिक चेक के जरिए इन बैंक खातों में पैसे जमा कर जरूरी धनराशि निकाल सकते हैं।”

विश्वनाथन ने कहा कि चाय बागान मालिक, श्रमिक संगठन और अन्य लोग चाय बागान मजदूरों को वेतन देने के लिए एक रणनीति तैयार करने की मांग कर रहे हैं।

दक्षिणी असम के इन तीन शहरों में मौजूद 104 चाय बागानों में एक लाख से अधिक मजदूर काम करते हैं।

भारतीय चाय संघ की दक्षिण असम इकाई के अध्यक्ष आई. बी. उबाधिया ने कहा कि नोटबंदी से सर्वाधिक समस्या चाय बागान मजदूरों को हुई है।

त्रिपुरा के प्रधान वित्त सचिव एम. नागराजू ने राज्य के सभी आठ जिलों के जिलाधिकारियों और कलेक्टरों के साथ बैठक की और उनसे चाय बागान मजदूरों के वेतन से संबंधित समस्या पर व्यक्तिगत तौर पर नजर रखने के लिए कहा।

त्रिपुरा वित्त विभाग के एक अधिकारी ने बताया, “प्रधान वित्त सचिव नौ नवंबर से ही नोटबंदी के बाद उपजी समस्या के समाधान हेतु रोज आरबीआई और अन्य बैंक अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे हैं।”

अधिकारी ने बताया, “प्रधान वित्त सचिव ने जिलाधिकारियों से कहा कि जरूरत पड़े तो वे अपने-अपने इलाके के चाय बागान का खुद दौरा करें और मजदूरों को कोई परेशानी न हो इसके लिए अस्थायी बैंक खाते खुलवाएं।”

त्रिपुरा के 58 चाय बागानों में 15,000 से अधिक मजदूर काम करते हैं।

त्रिपुरा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री तपन चक्रवर्ती ने भी आरबीआई और अन्य बैंकों के अधिकारियों से इस असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों की नकद समस्या पर खास ध्यान देने का आग्रह किया है।

मिजोरम में भारतीय स्टेट बैंक के सहायक महाप्रबंधक प्रदीप कुमार सेन ने बताया कि राज्य में मौजूद 85 एटीएम मशीनों में से सिर्फ 25 एटीएम मशीनों से पैसे निकाले जा सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि आइजोल और इसके आस-पास के इलाकों में मौजूद एसबीआई के 46 एटीएम में से सिर्फ नौ एटीएम से पैसे निकाले जा सकते हैं।

कोहिमा में नागालैंड वित्त विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार ने आरबीआई से 300 करोड़ रुपये छोटी मुद्रा के रूप में जारी करने का आग्रह किया है और आरबीआई को इस आशय का एक पत्र भी भेजा गया है।

नागालैंड के मुख्य सचिव पंकज कुमार और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने पिछले एक सप्ताह के दौरान आरबीआई और अन्य बैंकों के अधिकारियों के साथ कई बैठकें कीं और नकदी समस्या के समाधान के लिए जल्द से जल्द पर्याप्त छोटे नोट भेजने की अपील की।

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