नई दिल्ली, 17 फरवरी (आईएएनएस)। फोटोग्राफर रूपिन थॉमस एक नई प्रदर्शनी के जरिए लाखों पर्यटकों के सपनों के पर्यटन केंद्र पेरिस की जीवंत झलक पेश कर रहे हंै, जिसमें ‘सिटी ऑफ लव’ की भव्य इमारतों, खूबसूरत दृश्यों और वहां के भित्तिचित्रों को बड़ी आत्मीयता से कैमरे में कैद किया गया है।
ललित कला अकादमी में 19 फरवरी से सप्ताह भर चलने वाली ‘ला वी ए पेरिस: ए स्टडी इन वोलिशन’ नामक इस प्रदर्शनी में 50 तस्वीरों के जरिए पेरिस और आसपास की जिंदगी की झलक पेश की गई है।
अर्थशास्त्र की पढ़ाई कर चुके रूपिन ने 10 वर्ष अमेरिका में और लगभग चार वर्ष यूरोप की यात्रा में बिताए हैं। उन्होंने पुरानी और नई चीजों की खूबसूरती से तुलना करते हुए तीन ग्रीष्मकालों की तस्वीरों के जरिए पेरिस की रूपरेखा पेश की है।
उमा नायर के संरक्षण में ये सभी तस्वीरें चार खंडों में विभाजित की गई हैं जिसमें मशहूर एफिल टावर को दो हिस्सों में दिखाया गया है और यहां के दसवें प्रांत स्थित इसके नीचे वाले हिस्से में आने वाले पर्यटकों की तस्वीर भी दिखाई गई है।
रूपिन (34) शहर की खूबसूरती के प्रति आकर्षित हो इसे कैमरे में कैद कर सहेजने की इच्छा जताई। यह प्रदर्शनी चार हिस्सों में बंटी हुई है- लैंडस्केप, स्टिल लाइफ स्टडीज, सॉलिटेयर-क्वाइट कॉर्नर तथा स्ट्रीट आर्ट और अंत में ग्रैफिटी।
रूपिन बताते हैं, “लिटिल बेल्ट” के तौर पर रूपांतरित प्राचीन रेलवे पेटाइट पेटाइट सेंचर पेरिस को चारों ओर से घेरे हुए हैं और पुराने पेरिस तथा नए पेरिस को अलग-अलग करती है। यह एक अनूठी जगह है जहां आप बहुत सारे शरणार्थियों और बेघरों को देख सकते हैं। यहां ढेर सारे दिलचस्प आइकोनोग्राफी और भित्तिचित्र मौजूद हैं और इससे संपन्न और अभावग्रस्त लोगों के बीच अंतर समझने में मदद मिलती है।’
संरक्षक उमा नायर बताती हैं, “रूपिन वहां घूमे हैं, साइकिल चलाई है, उन्होंने गोटे के शब्दों की सच्चाई परखने के लिए घंटों एकांत में बिताए हैं। गोटे कहा करते थे कि पेरिस एक वैश्विक शहर है जहां किसी पुल या स्क्वायर पर प्रत्येक कदम महान अतीत की याद दिलाता है, जहां इतिहास के अंश प्रत्येक गली के नुक्कड़ पर बिखरे पड़े मिलते हैं।”
यह प्रदर्शनी ललित कला अकादमी में 25 फरवरी तक चलेगी।
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