पटना, 24 जनवरी (आईएएनएस)। देश के पूर्व रेलमंत्री और मिथिलांचल के सबसे बड़े राजनीतिक नेता रहे ललित नारायण मिश्र की जयंती 2 फरवरी को राष्ट्रीय राजधानी में ‘ललित दिवस’ के रूप में मनाए जाने की खबर के बाद बिहार में भी पूर्व केंद्रीय मंत्री के जन्मदिन को ‘ललित दिवस’ के रूप में मनाए जाने की मांग जोर पकड़ने लगी है।
पटना, 24 जनवरी (आईएएनएस)। देश के पूर्व रेलमंत्री और मिथिलांचल के सबसे बड़े राजनीतिक नेता रहे ललित नारायण मिश्र की जयंती 2 फरवरी को राष्ट्रीय राजधानी में ‘ललित दिवस’ के रूप में मनाए जाने की खबर के बाद बिहार में भी पूर्व केंद्रीय मंत्री के जन्मदिन को ‘ललित दिवस’ के रूप में मनाए जाने की मांग जोर पकड़ने लगी है।
हालांकि, यह कोई पहली बार नहीं है कि उनकी जयंती को ‘ललित दिवस’ के रूप में मनाए जाने की मांग की जा रही है। इससे पहले भी विभिन्न राजनीतिक और स्वयंसेवी संगठनों द्वारा यह मांग की जाती रही है।
सहरसा के बलुआ बाजार में 2 फरवरी, 1923 को जन्मे ललित नारायण मिश्र 2 जनवरी, 1975 को रेलमंत्री के रूप में बिहार के समस्तीपुर रेलवे स्टेशन पर एक कार्यक्रम के दौरान बम विस्फोट में गंभीर रूप से घायल हो गए थे और अगले दिन उनका निधन हो गया था।
मगध विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त प्रोफेसर बासुकीनाथ झा कहते हैं कि ललित बाबू ऐसे नेता थे कि राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाए रखने के बावजूद अपनी क्षेत्रीय पहचान खत्म नहीं होने दी। उन्होंने कहा कि वैसे तो कई संस्थानों में ललित जयंती के मौके पर कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, लेकिन सरकार को ‘ललित दिवस’ के रूप में उनकी जयंती मनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे भावी पीढ़ियां भी ललित बाबू के बारे में जान सकेंगी।
उधर, भरतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता अैार विधान पार्षद विनोद नारायण झा कहते हैं कि ललित बाबू कांग्रेस के नेता थे, लेकिन उन्होंने बिहार के लिए काफी कुछ किया है, जिसे लोग कभी भुला नहीं सकते।
मिथिला लोक फाउंडेशन ने ललित बाबू की जयंती 2 फरवरी को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ‘ललित दिवस’ के रूप में मनाने की घोषणा की है। मिथिलांचल के सर्वांगीण विकास का सपना संजोए ‘पाग बचाउ अभियान’ चलाने के लिए देश-विदेश में चर्चित मिथिला लोक फाउंडेशन के अध्यक्ष और प्रख्यात शिक्षाविद् डॉ. बीरबल झा ने कहा कि ललित बाबू का मिथिलांचल के विकास में योगदान अविस्मरणीय है।
उधर, ललित नारायण मिश्र के पुत्र विजय कुमर मिश्र ने मिथिला लोक फाउंडेशन द्वारा ‘ललित दिवस’ मनाए जाने की घोषणा पर संस्था का आभार जताते हुए कहा कि बिहार सरकार ललित बाबू की जयंती पर कई कार्यक्रम आयोजित करती है, लेकिन अगर उनकी जयंती को ‘ललित दिवस’ के रूप में मनाए जाने की घोषणा की जाती है तो यह अच्छी पहल होगी। उन्होंने कहा कि मिथिलांचल के लोगों की यह मांग काफी पुरानी है।
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