उन्होंने कहा कि पूरे देश में 100 ऐसी जगह है जहां पर बेटी की संख्या बेटों से कम है और उ.प्र. में 10 जिले ऐसे हैं जिसमें गौतमबुद्धनगर, मेरठ, बागपत, बुलन्दशहर, मुजफ्फरनगर, आगरा, मथुरा, हाथरस, गाजियाबाद एवं झांसी ऐसे स्थान हैं जहां पर बेटियांे की संख्या बेटांे की अपेक्षा काफी कम है।
रविवार को पार्टी प्रदेश मुख्यालय के माधव सभागार में आयोजित बैठक में चुग ने बताया कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की जिलों एवं मण्डल की कार्यकारिणी 11 सदस्यों की थी जो बढ़ाकर 16 सदस्यों की कर दी है। जिसमें कि आठ पुरुष और आठ महिलाए दोनों बराबर होंगे। क्योंकि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का अभियान दोनों की जिम्मेदारी है। समाज के दोनों वर्ग मिलकर इस अभियान को आगे बढ़ाएंगे।
चुग ने बताया कि अभी जुलाई में स्कूल खुलने वाले हैं। सरकारी स्कूलों में बेटियों को नि:शुल्क पढ़ाया जाता है। इसलिए हम सबका प्रयास यह होना चाहिए कि अधिक से अधिक बेटियां स्कूल जाएं। उन्होंने बताया कि तीन महीने में एक बार सभी जिलों में बड़े कार्यक्रम होने चाहिए, स्कूलों और अस्पताल में जाकर बेटियों के विषय में बताना चाहिए और नव दम्पत्ति जोड़ों को बेटी और बेटों में कोई फर्क नहीं ऐसा अभियान चलाया जाएगा।
बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी कमेटियों में 50-50 पुरुष और महिलाएं रहेगी। इस अभियान को तहसील तक ले जाने के लिए यूपी सरकार इसमें अपना पूर्ण सहयोग करेगी और उक्त 10 जिलों में कमेटी के सदस्य प्रवास करेंगे और इस अभियान को मंडल स्तर तक लेकर जाएंगे और हर जिले में टोली बनेगी एवं सेमिनार होगा। प्रदेश से लेकर मण्डल स्तर तक कमेटी में एक सदस्य आईटी विभाग का होगा।
15 जुलाई से पहले हर क्षेत्र में बैठक होगी और प्रदेश की अगली बैठक पश्चिम क्षेत्र में 9 जुलाई को गाजियाबाद में होगी तथा 09 अगस्त को वात्सल्य ग्राम मथुरा में होगी। बैठक के समापन में प्रदेश संयोजक सरिता भदौरिया ने मुख्य अतिथि एवं प्रदेश से आयी हुई बहनों का धन्यवाद दिया।
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