इम्फाल, 26 जनवरी (आईएएनएस)। मणिपुर में गणतंत्र दिवस के बहिष्कार और आम बंद के बावजूद मंगलवार को कोई बड़ी अप्रिय घटना नहीं घटी और सभी नौ जिलों में 67वें गणतंत्र दिवस का समारोह शांतिपूर्वक संपन्न हो गया।
प्रतिबंधित भूमिगत आतंकवादी संगठन, युनाइटेड नागा काउंसिल और अन्य ने गणतंत्र दिवस का बहिष्कार और सूर्योदय से सूर्यास्त तक बंद का आह्वान किया था।
इसके चलते राष्ट्रीय राजमार्गों पर कई सौ ट्रक, बसें और अन्य वाहन फंसे हुए हैं।
तामेंगलांग जिले में गणतंत्र दिवस समारोह के लिए सरकारी विभागों द्वारा बनाए गए सजावटी तोरणद्वारों को जलाने जैसी कुछ घटनाएं घटीं।
कांगला में आयोजित मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी मुख्य अतिथि थे, जहां परेड और झांकी में 100 से अधिक सैन्य दल और झांकियों ने हिस्सा लिया।
गणतंत्र दिवस पर सभी दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद हैं। पुलिस ने राज्य भर में सुरक्षा कड़ी कर दी है। हालांकि, यहां अभी किसी की गिरफ्तारी या हथियार और विस्फोटक जब्त करने की कोई खबर नहीं है।
मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह ने सराहनीय सेवा के लिए छह पुलिसकर्मियों को पदक से सम्मानित किया।
यह आधिकारिक तौर पर घोषणा की गई कि विशिष्ट सेवा के लिए एक पुलिसकर्मी को राष्ट्रपति पदक के लिए चुना गया है और सराहनीय सेवा के लिए राष्ट्रपति सुधारक पदक दो जेल कर्मचारियों को दिया गया है।
युनाइटेड नागा काउंसिल द्वारा आहूत 48 घंटे का बंद मणिपुर सरकार की कथित ज्यादतियों के खिलाफ और संघर्ष विराम वाले क्षेत्रों से राजकीय बलों को वापस बुलाने की मांग के पक्ष में है।
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