इंदौर, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश की व्यापारिक नगरी इंदौर में चल रहे दो दिवसीय वैश्विक निवेशक सम्मेलन (ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट) के दूसरे दिन रविवार को नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में 20 हजार करोड़ रुपये निवेश के लिए सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान और राज्य के ऊर्जा मंत्री पारस जैन की उपस्थिति में भारतीय तेल निगम, पॉवर ट्रेडिंग कॉर्पोरेशन नई दिल्ली, एनटीपीसी, निवेली लिग्नाईट कॉर्पोरेशन नई दिल्ली और एनएचडीसी ने राज्य सरकार के साथ करार पर हस्ताक्षर किए हैं। इस करार के तहत राज्य में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में 20 हजार करोड़ रुपये निवेश होगा, और इसके जरिए 2700 मेगावट बिजली का उत्पादन होगा।
राज्य सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव मनु श्रीवास्तव ने इस मौके पर पिछले एक दशक में प्रदेश में इस क्षेत्र में हासिल की गईं उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा, “सौर, पवन, लघु जल और बयोमास गैस में ऊर्जा उत्पादन के लिए नई नीति बनाकर निवेशकों को अनेक रियायतें दी जा रही हैं। इसके लिए भूमि बैंक भी तैयार किया गया है।”
सौर ऊर्जा परियोजना के बारे में श्रीवास्तव ने कहा, “रीवा में 750 मेगावाट की परियोजना लगाई जा रही है। इसके लिए 1523 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत की जा चुकी है। परियोजना लगाने में विश्व बैंक की तरफ से आर्थिक मदद भी मंजूर हो गई है। इससे पैदा होने वाली बिजली की आपूर्ति दिल्ली मेट्रो को की जाएगी।”
उन्होंने कहा, “सौर ऊर्जा में वर्ष 2011-12 में जहां मात्र दो मेगावट की क्षमता थी, वही अगस्त 2016 में 770 मेगावाट के पास पहुंच गई है। पवन ऊर्जा में वर्ष 2011-12 में मात्र 314 मेगावाट के करीब क्षमता हुआ करती थी, वह अगस्त 2016 में 2226 मेगावट पहुंच गई है। राजगढ़, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, शाजापुर, मुरैना, छतरपुर, रीवा सौर ऊर्जा के लिए बेहतर स्थान के रूप में पहचाने गए हैं।”
मध्यप्रदेश विद्युत वितरण कंपनी के अध्यक्ष संजय शुक्ल, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग के सचिव उपेन्द्र त्रिपाठी ,ऊर्जा विकास निगम के अध्यक्ष विजेन्द्र सिसोदिया ने निवेशकों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
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