पूर्व मुख्यमंत्री मायावती एक बयान में कहा, “गाजियाबाद की चुनावी रैली में मोदी द्वारा यह कहना कि प्रदेश में भाजपा सरकार बनने पर पहले दिन यह करेंगे व दूसरे दिन यह करेंगे, यह केवल लोगों की आंखों में धूल झोंकने वाली बात है, क्योंकि ऐसे ही अनेक वादे उन्होंने वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में भी किए थे।”
उन्होंने कहा, “सत्ता में आने के पहले 100 दिन तो क्या एक हजार दिन पूरे होने के बाद भी विदेशों से कालाधन लाकर गरीबों को 15 से 20 लाख रुपये नहीं बांटे गए हैं। उलटे अब तो मोदी सरकार विदेशों में जमा कालाधन की चर्चा करने से भी भय खाती है।”
उन्होंने कहा, “जहां तक भ्रष्टाचार से लड़ने के उनके दावे का सवाल है तो इस बारे में लोकपाल के गठन पर उनकी सरकार की आपराधिक चुप्पी यह साबित करती है कि दाल में बहुत कुछ काला है। भ्रष्टाचार के मामले में मोदी सरकार केवल बाबुओं व राजनेताओं को ही धमकाती रहती है, जबकि बड़े-बड़े पूंजीपतियों के खिलाफ खामोश कोई भी सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं करती।”
उन्होंने मोदी सरकार पर कोरी बयानबाजी व खोखले वायदे करते रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब चुनाव के समय सपा सरकार को कोसने का कोई लाभ भाजपा को मिलने वाला नहीं है, क्योंकि जनता जानती है कि प्रदेश में लगातार जारी रहने वाली अराजक, आपराधिक, माफिया, जातिवादी, सांप्रदायिकता के राज के लिए केंद्र में पूर्व की रही कांग्रेसी सरकार की तरह वर्तमान मौजूदा मोदी सरकार भी बराबर की जिम्मेदार है।”
उन्होंने कहा कि पिछले तीन साल के केंद्र में अपने शासनकाल में एक बार भी कानूनी तौर से सपा सरकार की कोई खबर नहीं ली, जिससे सपा-भाजपा की मिलीभगत का साफ पता चलता है।
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