नई दिल्ली, 1 सितम्बर (आईएएनएस)। भुगतान की डिजिटल सेवा प्रदान करने वाली कंपनी मोबीक्विक और शहरी गरीब आबादी के लिए काम करने वाली एक गैर सरकारी संस्था समग्र ने मिलकर गुरुवार को ‘एम-गुल्लक’ नाम से एक नई पहल शुरू की है जो शहरी गरीब आबादी को बचत करने के प्रति जागरूक करेगा।
मोबीक्विक की सह-संस्थापक एवं निदेशक उपासना टाकू ने एक वक्तव्य जारी कर कहा, “एम-गुल्लक शहरों में रहने वाली गरीब आबादी को डिजिटल क्रांति का हिस्सा बनने में मददगार साबित होगा। इसका इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति कम से कम जितना चाहे उतनी बचत कर सकता है और एम-गुल्लक की ओर से मिलने वाली सभी सेवाओं का लाभ उठा सकता है।”
मोबाइल पर उपलब्ध ‘एम-गुल्लक’ सेवा अपने उपभोक्ता को न्यूनतम राशि बचत करने, फोन रिचार्ज करने, ऑनलाइन खरीदारी करने और अपने बैंक खाते में रुपया जमा करने की सुविधा देगी।
पुणे में सबसे पहले ‘एम-गुल्लक’ सेवा की शुरुआत की गई है और उम्मीद की जा रही है कि वर्ष के आखिर तक शहरों में रहने वाली 1,50,000 गरीब आबादी इस सेवा का लाभ उठाने लगेगी।
2017 तक एम-गुल्लक सेवा दिल्ली एवं अन्य महानगरों में रहने वाली पांच करोड़ गरीब आबादी तक पहुंच जाएगी।
समग्र के संस्थापक स्वप्निल ने कहा, “एम-गुल्लक के जरिए अभी समग्र द्वारा बनवाए गए शौचालयों का इस्तेमाल करने वाले लोगों को प्रतिदिन दो रुपये की बचत करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। इसके लिए शौचालय परिसर में ही एक कियोस्क लगाया गया है, जहां उनसे यह राशि लेकर जमा की जा रही है।”
dharmpath.com dharmpath