तिरुरवनंतपुरम, 18 मई (आईएएनएस)। यमन में केरल के अपहृत पादरी सुरक्षित हैं और उन्हें अपहर्ताओं के चंगुल से मुक्त कराने के प्रयास अंतिम चरण में हैं।
एक अधिकारी ने बुधवार को आईएएनएस से बताया कि कैथोलिक पादरी टॉम उझुनालिल ने अपने चर्च प्रशासन से बात की है। वह सुरक्षित हैं।
अधिकारी ने कहा, “अब यह स्पष्ट हो गया है कि वह आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के चंगुल में नहीं हैं, बल्कि यमन में सरकार विरोधी सशस्त्र गुटों की गिरफ्त में हैं। उन्हें उनके चंगुल से छुड़ाने के प्रयास जारी हैं।”
सशस्त्र चरमपंथियों का एक गिरोह मार्च में एक बुजुर्ग व्यक्ति के घर में घुस गया था और उन्होंने वहां एक भारतीय नन सहित चार ननों व कई अन्य की हत्या कर दी थी और पादरी उझुनालिल को अगवा कर लिया था। उसके बाद से पिछले सप्ताह तक उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया था।
बुजुर्ग व्यक्ति का वह घर जहां चरमपंथी घुसे थे, 1992 में मिशनरीज ऑफ चैरिटी ने बनाया था।
वेटिकन, फेडरल ब्यूरो ऑफ इंवेस्टीगेशन तथा यमन में स्थानीय भारतीय समुदाय के लोग पादरी को सुरक्षित अपहर्ताओं के चंगुल से मुक्त कराने के प्रयास कर रहे हैं।
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