नई दिल्ली, 1 मार्च (आईएएनएस)। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी के खिलाफ विशेषाधिकारहनन प्रस्ताव लाने के लिए राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी को मंगलवार को नोटिस सौंपा गया। इससे पहल सोमवार को लोकसभा में भी नोटिस दिया गया था।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा, “हम लोगों ने केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी के खिलाफ राज्यसभा में विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव का नोटिस दिया है। हैदराबाद विश्वविद्यालय से संबंधित मामले पर चर्चा के दौरान ईरानी ने सदन को गुमराह किया। मंत्री ने संसद के जरिए राष्ट्र को भी दिग्भ्रमित किया है। इसलिए हम लोग उनके खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव लाए हैं। “
केंद्रीय संसदीय कार्य राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि विपक्ष ने स्मृति ईरानी के जवाब पर ध्यान नहीं दिया।
उन्होंने कहा, “मैं सदन में विपक्ष के नेता को कहना चाहता हूं कि संबंधित विषय पर चर्चा के दौरान तथ्यों के साथ जो जवाब दिया गया, उसका आपके पास कोई उत्तर नहीं है। आपके पास कोई वैध आधार नहीं है, इसलिए आप बेतुका तर्क दे रहे हैं।”
इस मुद्दे पर आजाद को कई विपक्षी सदस्यों का समर्थन मिला। जद-यू के वरिष्ठ नेता शरद यादव ने कहा, “यह गंभीर मसला है और हम लोग इसका समर्थन करते हैं।”
राज्यसभा के उप सभापति पी.जे. कुरियन ने इस संबंध में कहा कि नोटिस मिला है और यह सभापति के पास विचाराधीन है।
विपक्ष पर प्रहार करते हुए नकवी ने कहा, “आप लोग जो कर रहे हैं वह सही नहीं है। ऐसा लग रहा है कि प्रस्ताव के जरिए आप लोग किसी की आवाज को दबाना चाहते हैं।”
विपक्ष इस मुद्दे पर चर्चा चाहता था, लेकिन पीठ ने यह कह कर इजाजत नहीं दी कि जब तक नोटिस स्वीकार नहीं कर लिया जाता, तब तक यह संभव नहीं है।
इस दौरान पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम के बेटे के मसले पर अन्नाद्रमुक (एआईएडीएमके) के सदस्य सभापति के आसन के पास आकर हंगामा करने लगे जिस पर सदन को अपरान्ह तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
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