निरीक्षक तिवारी ने महिला पत्रकारों से उस वक्त बदसलूकी की, जब वे मंत्री के सीडी कांड में गिरफ्तार पत्रकार विनोद वर्मा से बात करने लगीं। वर्मा को अदालत में पेशी के बाद पुलिस वाहन में बैठाए जाने से पहले तीन महिला पत्रकारों ने उनसे बात करने की कोशिश की, तो तिवारी ने इन महिला पत्रकारों को धक्का देकर दूर हटा दिया।
रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष के.के. शर्मा ने बताया कि सोमवार की शाम रायपुर प्रेस क्लब में कार्यकारिणी की आपात बैठक हुई, जिसमें महिला पत्रकारों से हुई बदसलूकी की निंदा की गई। रविवार रात की घटना के बाद राजधानी के सभी पत्रकारों ने एकजुटता दिखाई और बड़ी संख्या में मार्च में शामिल होकर सिविल लाइन थाना पहुंचे।
उन्होंने कहा कि एसपी डॉ. शुक्ला ने पत्रकारों की मांग पर रविवार देर रात निरीक्षक गौरव तिवारी को निलंबित कर दिया, वहीं मामले की जांच दंडाधिकारी से कराने की बात कही।
शर्मा ने बताया कि तीन महिला पत्रकारों ने मामले में अलग-अलग लिखित शिकायत की है। प्रेस क्लब की ओर से एसपी से मांग की गई है कि घटना की विभागीय जांच भी कराई जाए।
न्यायालय ने विनोद वर्मा को तीन दिन की रिमांड पर भेजा है। इस दौरान पुलिस ने न्यायालय के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी थी। न्यायालय परिसर के अंदर पत्रकारों को घुसने नहीं दिया जा रहा था।
महिला पत्रकारों का कहना है कि निरीक्षक ने उनके साथ बदसलूकी की। यह देख वहां मौजूद प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक के अन्य पत्रकार बिफर गए। महिला पत्रकारों के साथ सभी ने सिविल लाइन थाने तक मार्च किया और थाने में मौजूद एसपी डॉ. संजीव शुक्ला से निरीक्षक पर कार्रवाई की मांग की। एसपी ने निरीक्षक गौरव तिवारी को तुरंत निलंबित कर दिया।
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