भोपाल, 18 नवंबर (आईएएनएस)। दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) की मध्यप्रदेश इकाई ने कथित तौर पर सहारा समूह द्वारा दो किछतों में राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को मुख्यमंत्री कार्यालय के उप-सचिव नीरज वशिष्ठ के माध्यम से 10 करोड़ रुपये दिए जाने के मामले की जांच सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में विशेष जांच दल (एसआईटी) से कराने की मांग की है।
आप की मध्यप्रदेश इकाई के संयोजक आलोक अग्रवाल ने शुक्रवार को संवाददाता सम्मेलन में आयकर विभाग द्वारा सहारा समूह के यहां से छापे के दौरान 22 नवंबर, 2014 को बरामद किए गए दस्तावेजों को सार्वजनिक किया। इन दस्तावेजों में पांच-पांच करोड़ की किस्त ‘कैश गिविन टू सीएम एमपी’ लिखा है। साथ ही नीरज वशिष्ठ का नाम लिखा है।
आप ‘सीएम एमपी’ शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री कार्यालय का उप-सचिव नीरज वशिष्ठ को बता रही है। उन्होंने बताया कि यह दस्तावेज पार्टी संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को आयकर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के जरिए मिले हैं।
आयकर विभाग के दस्तावेजों के आधार पर अग्रवाल ने कहा, “राज्य के मुख्यमंत्री चौहान को 29 सितंबर, 2013 और एक अक्टूबर 2013 को मुख्यमंत्री कार्यालय के उप-सचिव नीरज वशिष्ठ के जरिए पांच-पांच करोड़ की दो किस्तें मिली हैं। यह रकम सहारा ने क्यों और किस काम के बदले में दी है, चौहान इस बात का खुलासा करें।”
अग्रवाल का दावा है कि, ‘आयकर विभाग के जो दस्तावेज उन्हें मिले है, उन पर विभाग की डिप्टी डायरेक्टर अंकिता पांडेय के हस्ताक्षर है, यह दस्तखत वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी के आग्रह पर फॉरेंसिक जांच में भी सही पाए गए हैं।’
अग्रवाल ने आगे कहा कि एक तो चौहान को इस बात का जवाब देना चाहिए कि ये 10 करोड़ रुपये उन्होंने सहारा समूह से किस काम के लिए लिए। इस मामले की सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में एसआईटी जांच होनी चाहिए।
आप के आरोपों को लेकर मुख्यमंत्री आवास के उप-सचिव वशिष्ठ से आईएएनएस से संपर्क किया तो वह एक आवश्यक बैठक में थे, जिसके चलते अपनी बात नहीं कह पाए।
अग्रवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश वह राज्य है, जो व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) घोटाले के कारण पूरे देश में चर्चाओं में रहा है। अनोखे किस्म के इस घोटाले से जुड़े 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, नौजवानों की एक पीढ़ी बर्बाद हो चुकी है और मंत्री तक को जेल जाना पड़ा है। भ्रष्टाचार खत्म करने का दंभ भरने वाली भाजपा की यही सच्चाई है।
उन्होंने कहा कि अब नया घपला सामने आया है। आयकर विभाग की यह शीट व्यापमं घोटाले की शीट की याद ताजा कर रही है।
dharmpath.com dharmpath