नई दिल्ली, 18 फरवरी (आईएएनएस)। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार देश के छात्रों पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की दक्षिणपंथी विचारधारा थोप रही है।
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) विवाद को लेकर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा, “वे (सरकार) आरएसएस की गलत विचारधारा को छात्रों पर थोपने का प्रयास कर रहे हैं, ताकि छात्रों के सपनों और सोच का दमन किया जा सके।”
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी देश में छात्रों की आवाज नहीं दबाने देगी।
राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए कांग्रेस नेता के साथ पार्टी के अन्य नेता तथा राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद भी राष्ट्रपति भवन पहुंचे।
राहुल ने राष्ट्रपति भवन में कहा, “सरकार का काम देश में संस्थानों को बर्बाद करना नहीं है। छात्रों की सोच से ही राष्ट्र समृद्ध होगा। उन पर किसी खास विचारधारा को थोपने से राष्ट्र को लाभ नहीं होगा, बल्कि इससे देश की वैश्विक छवि खराब होगी।”
राहुल गांधी ने बीते सप्ताह जेएनयू जाकर प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात की थी, जिसके बाद भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने यह कहते हुए उनकी आलोचना की थी कि वह ‘राष्ट्र-विरोधी’ तत्वों का समर्थन कर रहे हैं।
ऐसी आलोचनाओं पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राहुल ने कहा, “राष्ट्रवाद मेरे खून में है। मैंने अपने परिवार को राष्ट्र के लिए बलिदान देते देखा है।”
कांग्रेस उपाध्यक्ष ने हालांकि कहा कि यदि किसी ने देश के खिलाफ कुछ भी कहा है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह जेएनयू परिसर में कश्मीर मुद्दे पर छात्रों ने एक बैठक बुलाई थी, जिसमें संसद हमले के दोषी अफजल गुरु को तीन साल पहले फांसी दिए जाने का विरोध किया गया।
पुलिस का आरोप है कि इस दौरान भारत के खिलाफ भी नारेबाजी की गई और वामपंथी रुझान रखने वाले छात्र नेता ने कुछ ‘राष्ट्र विरोधी टिप्पणियां’ की थी। जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार को इसी आधार पर पुलिस ने देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया। कुमार ने हालांकि खुद पर लगे इन आरोपों से इनकार किया है।
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