नई दिल्ली, 23 मार्च (आईएएनएस)। मौजूदा वित्त वर्ष में बुधवार 23 मार्च तक 7008 गांव का बिजलीकरण हो गया है। इस तरह दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (डीडीयूजीजेवाई) के अंतर्गत वर्तमान वित्त वर्ष में 7000 गांव के बिजलीकरण का वार्षिक लक्ष्य वित्त वर्ष समाप्त होने के एक सप्ताह पहले हासिल कर लिया गया है। यह जानकारी यहां जारी एक आधिकारिक बयान में दी गई है।
लक्ष्य हासिल होने पर बिजली, कोयला तथा नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पीयूष गोयल ने ट्वीट करके कहा, “एक गांव के लिए छोटा कदम, भारत के लिए लंबी छलांग।”
अपने दूसरे ट्वीट में गोयल ने कहा कि ग्रामीण बिजलीकरण कार्यक्रम में यह नाटकीय उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी नेतृत्व में हासिल हुई है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस संबोधन को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 1,000 दिनों के अंदर यानी 1 मई, 2018 तक बिजली से वंचित शेष 18,452 गांवों के बिजलीकरण का निर्णय लिया है।
यह परियोजना मिशन मोड में शुरू की गई है और बिजलीकरण रणनीति में परियोजना लागू करने की अवधि छोटी करके 12 महीना करना और 12 चरणों में बिजलीकरण प्रक्रिया को विभाजित करना शामिल है।
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