नई दिल्ली, 11 फरवरी (आईएएनएस)। सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर हिंदी रैप में एक अलग पहचान बनाने वाले रैपर कृष्णा का कहना है कि लोगों में हिप-हॉप को लेकर स्टीरियोटाइप और गलत धारणा है, जिसके चलते इस विधा को गलत समझा जाता है।
नई दिल्ली, 11 फरवरी (आईएएनएस)। सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर हिंदी रैप में एक अलग पहचान बनाने वाले रैपर कृष्णा का कहना है कि लोगों में हिप-हॉप को लेकर स्टीरियोटाइप और गलत धारणा है, जिसके चलते इस विधा को गलत समझा जाता है।
यह पूछे जाने पर कि क्या देश में रैप को गलत समझा जाता है तो कृष्णा ने आईएएनएस को बताया, “हिप-हॉप और रैप एक शैली के रूप में विविध होते हैं और लगातार बदलते रहते हैं।”
उन्होंने कहा, “अगर कोई इस शैली को सुनता है तो उसे एहसास होगा कि हिप-हॉप ज्यूलरी, लड़कियों और कारों आदि से कहीं ज्यादा है। हर रैपर अलग होता है और विषय और कहानियां भी अलग होती हैं। धारणा में बदलाव धीरे-धीरे लेकिन निश्चत रूप से होगा।”
कृष्णा ने सामाजिक-राजनीतिक और मानवीय विषयों पर आधारित गाने जैसे ‘कैसा मेरा देश’ और ‘व्यंजन’ गाए हैं और वह जल्द ही जोया अख्तर निर्देशित आगामी फिल्म ‘गली बॉय’ में नजर आएंगे।
फिल्म में रणवीर सिंह और आलिया भट्ट मुख्य भूमिकाओं में हैं। ऐसा कहा जा रहा है कि यह स्ट्रीट रैपर्स डिवाइन और नावेद शेख उर्फ नैजी से प्रेरित है जो ‘मेरे गली में’ गाने के लिए जाने जाते हैं।
दिल्ली में जन्मे कश्मीरी मूल के गायक का मानना है कि फिल्म एक तरह से लोगों को यह देखने का मौका दे सकती है कि वास्तव में एक अच्छे रैपर के रूप में पहचान बनाने में कितनी मुश्किल होती है।
यह पूछे जाने पर कि क्या फिल्म लोगों को रैप संस्कृति और शैली को अच्छे से समझने में मदद करेगी तो उन्होंने कहा कि उन्हें निश्ति रूप से लगता है कि यह दर्शकों के अंदर उत्सुकता जगाएगी, जिससे शायद लोग रैप संस्कृति और शैली को समझने के लिए प्रेरित हो जाए।
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