भोपाल, 29 जुलाई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश विधानसभा में विपक्ष ने उज्जैन में आयोजित हुए सिंहस्थ कुंभ में घोटाले का शुक्रवार को आरोप लगाया। इस पर विपक्ष और सत्ता पक्ष के विधायकों के बीच तीखी बहस हुई। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही बाधित हुई।
ज्ञात हो कि अप्रैल-मई माह में उज्जैन में सिहस्थ कुंभ का आयोजन किया गया था। आयोजन पर साढ़े पांच हजार करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च हुआ था। कांग्रेस अरसे से आरोप लगाती आ रही है कि इस धार्मिक आयोजन में खरीदी में भ्रष्टाचार हुआ है। सरकार ने खरीदी में जमकर गड़बड़ी की है।
कांग्रेस विधायक मुकेश नायक ने विधानसभा में शून्यकाल के दौरान इस मामले को उठाया। विधानसभाध्यक्ष डॉ. सीतासरण शर्मा ने कांग्रेस विधायक नायक को अपनी बात रखने का मौका दिया। नायक ने जैसे ही सिंहस्थ का जिक्र किया, सत्ता पक्ष की ओर से संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने विधानसभाध्यक्ष से बोलने की अनुमति मांगी।
डॉ. शर्मा की ओर से सत्तापक्ष को बात रखने की अनुमति न दिए जाने पर संसदीय कार्यमंत्री मिश्रा ने अध्यक्ष से ही सवाल कर डाला कि नायक को बोलने की अनुमति किस नियम के तहत दी गई है। इस पर दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर तीखे कटाक्ष किए। हंगामे के कारण विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी।
सदन की बैठक दोबारा शुरू होते ही नायक अपनी बात कहने को खड़े हुए। लेकिन संसदीय कार्यमंत्री ने भी अपनी बात कहनी चाही। इस पर नायक और मिश्रा के बीच तीखी नोंक-झोंक हुई।
कांग्रेस की ओर से प्रभारी नेता प्रतिपक्ष बाला बच्चन, विधायक रामनिवास रावत, जीतू पटवारी, सुंदरलाल तिवारी ने सरकार पर सिंहस्थ में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। सरकार की ओर से संसदीय कार्यमंत्री मिश्रा व पंचायत मंत्री गोपाल भार्गव ने विपक्ष को खुली चुनौती दी। हंगामा बढ़ा तो कार्यवाही फिर 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई।
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