नई दिल्ली, 19 अगस्त (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी में वाहन चुराकर उनका ‘रिबर्थिग’ कर बाजार में बेचने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह के पांच शातिर सदस्यों को इस महीने गिरफ्तार किया गया है। दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
पकड़े गए लोगों की निशानदेही पर पुलिस ने आगरा, जयपुर तथा मुजफ्फरनगर सहित विभिन्न इलाकों से 20 लग्जरी वाहनों को जब्त किया है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी बीमा कंपनियों से बेकार हो चुकी (स्क्रैप) कारों को खरीदते थे और उनके रजिस्ट्रेशन, इंजन व चेसिस नंबर का इस्तेमाल चुराई गई कारों के लिए करते थे, जिसे ‘रिबर्थिग’ कहा जाता है।
इस प्रकार, चुराई गई कारों का कोई अता-पता नहीं चल पाता और वे आराम से बाजार में बिक जाती थीं।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने आईएएनएस से कहा, “गिरोह शहर में बीते डेढ़ साल से सक्रिय था और वाहन चोरी के 30 मामलों में शामिल रहा है। वे उसी मॉडल की कार चुराते थे, जिस मॉडल की स्क्रैप कार वे बीमा कंपनी से नीलामी में खरीदते थे।”
उन्होंने कहा, “चोरी की गई गाड़ी पर रजिस्ट्रेशन, चेसिस व इंजन नंबर चढ़ाना उनके लिए आसान होता था, क्योंकि बीमा कंपनी से उन्हें स्क्रैप गाड़ी के असल कागजात मिल गए होते थे।”
अधिकारी ने कहा कि गिरोह ने चोरी की गई गाड़ियों को बेचकर काफी पैसा बनाया।
सभी पांचों आरोपियों को उत्तर प्रदेश के मेरठ से गिरफ्तार किया गया। उनकी पहचान मेरठ में स्क्रैप कारों के डीलर गाजियाबाद के 39 वर्षीय संजय सिंह, 34 वर्षीय मोबिन, 30 वर्षीय सलीम तथा 30 वर्षीय कासिम तथा 32 वर्षीय मानन के रूप में हुई है और ये चारों दिल्ली के जामिया नगर के निवासी हैं।
अधिकारी ने कहा, “संजय सिंह गिरोह का सरगना है, जो बाजार से स्कै्रप कारें खरीदता था।”
उन्होंने कहा कि मोबिन स्क्रैप गाड़ी से इंजन व चेसिस नंबर निकालता था और गिरोह के अन्य सदस्यों को बताता था कि कौन से मॉडल और कब की बनी कार चुरानी है।
अधिकारी ने कहा, “मानन को इससे पहले हत्या व डकैती के मामले में दिल्ली की विशेष शाखा गिरफ्तार कर चुकी है। वह सात साल तक जेल काट चुका है और पिछले साल ही जेल से बाहर निकला था।”
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