यह हादसा सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र के नाथ भट्ठा के समीप सड़क पर अचानक जानवर आने पर ट्रैक्टर चालक ने अचानक ब्रेक लगा देने पर हुई।
श्रद्धालुओं की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण आए और किसी तरह से सभी को बाहर निकाला तथा 108 एम्बुलेंस के सहयोग से आनन-फानन में घायलों को सीएचसी हथगाम पहुंचाया, जहां सभी घायलों का इलाज करने के साथ ही तीन की हालत नाजुक होने के कारण उन्हें जिला चिकित्सालय के लिये रिफर कर दिया गया।
ग्रामीण इलाकों में चली आ रही उतार स्नान की प्राचीन परंपरा के तहत हथगाम थाना क्षेत्र के गांव छीटी का पुरवा के रहने वाले करीब 32 ग्रामीण दैवी आपदाओं और संक्रामक बीमारियों से निजात पाने के लिए उतार स्नान करने कौशाम्बी जिले के कड़ाधाम गंगा स्नान करने गए थे।
गंगा स्नान और सिद्धपीट मां शीतला देवी के दर्शनों के बाद सभी श्रद्धालु ट्रैक्टर पर सवार होकर वापस अपने गांव आ रहे थे। कहते हैं कि जब ट्रैक्टर सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र के गांव नॉर्थ ईंट-भट्ठा के समीप पहुंचे, तभी अचानक सड़क पर आगे जानवर आ गए। चालक ने जानवरों को बचाने के लिए अचानक इमरजेंसी ब्रेक लगा दिया, जिससे ट्रैक्टर ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई।
ग्रामीणों ने लोगों को बाहर निकाला। इसी बीच रामकृपाल का लगभग 22 वर्षीय पुत्र पुष्पेंद्र कुमार ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। इस हादसे में घायल संदीप (22), हरिश्चंद्र लोधी (25), महादेइया (60), राकेश (27), लाल बहादुर (35), विनोद (10), सुशील (15), सोनू (21), प्रमोद (11), कंधई (10), लालती (20), राजकुमार (9), प्रदीप (5), रामादेवी (55) समेत दो दर्जन से अधिक घायलों को 108 एम्बुलेंस की टीम के सहयोग से सभी को आनन-फानन में उपचार के लिए सीएचसी हथगाम पहुंचाया, जहां सभी का उपचार किया गया।
अस्पताल में मौजूद चिकित्सक ने घायलों में संदीप, हरिश्चंद्र लोधी व महादेइया की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। परिजनों ने तीनों को सदर अस्पताल में भर्ती कराया है। घटना स्थल पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टर्माटम के लिए भेज दिया।
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