पटना, 29 अगस्त (आईएएनएस)। बिहार में गंगा सहित अन्य प्रमुख नदियों में आई बाढ़ से 12 जिलों के 2,024 गांव की 37़ 21 लाख आबादी प्रभावित है। बाढ़ से अब तक 58 लोगों की मौत हो चुकी है।
इस बीच हालांकि गंगा और उसकी सहायक नदियों सहित पुनपुन तथा सोन नदी के जलस्तर में लगातार कमी देखी जा रही है, लेकिन अभी गंगा कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
पटना स्थित बाढ़ नियंत्रण कक्ष के मुताबिक, सोमवार को भी गंगा और सोन सहित सभी नदियों के जलस्तर में कमी आई। पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर सुबह 10 बजे 49.77 मीटर दर्ज किया गया। वहीं, रविवार को जलस्तर 49.86 मीटर था।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष में प्रतिनियुक्त सहायक अभियंता विवेक कुमार ने आईएएनएस को बताया कि इंद्रपुरी बैराज में सोन नदी के जलस्तर में कमी दर्ज की गई है। सुबह 10 बजे इंद्रपुरी बैराज के पास सोन नदी का जलस्तर 1,18,167 क्यूसेक दर्ज किया गया।
गंगा नदी बक्सर, दीघा, गांधीघाट, हाथीदह, भागलपुर और कहलगांव में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जबकि बूढ़ी गंडक नदी खगड़िया में खतरे के निशान से ऊपर है।
पटना, वैशाली, भोजपुर और सारण जिला के दियारा क्षेत्र (नदी किनारे मैदानी इलाके) बाढ़ से अधिक प्रभावित हैं।
आपदा प्रबंधन विभाग के संयुक्त सचिव अनिरुद्ध कुमार ने सोमवार को बताया कि अब तक करीब 5़ 56 लाख लोगों को बाढ़ग्रस्त स्थानों से बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर लाया गया है, जिनमें से करीब तीन लाख लोगों को 598 राहत शिविरों में रखा गया है। पशुओं के लिए भी 158 शिविर चलाए जा रहे हैं।
विभाग के मुताबिक, हाल में आई बाढ़ से 58 लोगों की मौत हो गई है, जिसमें भोजपुर जिले में 15, समस्तीपुर में 11, बेगूसराय में नौ, वैशाली में सात, सारण में पांच, लखीसराय और खगड़िया में तीन-तीन, भागलपुर में दो और पटना, बक्सर व मुंगेर जिले में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है।
इस बीच, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोमवार को कटिहार दौरे पर हैं। मुख्यमंत्री कटिहार में बाढ़ प्रभावित लोगों का हालचाल जानेंगे और अधिकारियों के साथ राहत कायरें की समीक्षा करेंगे।
उल्लेखनीय है कि बिहार में गंगा नदी के उफान पर होने से बक्सर, भोजपुर, पटना, वैशाली, सारण, बेगूसराय, समस्तीपुर, लखीसराय, खगड़िया, मुंगेर, भागलपुर और कटिहार जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है।
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