नई दिल्ली/पटना/चंडीगढ़, 18 सितम्बर (आईएएनएस)। विपक्ष के कई नेताओं ने उड़ी में सैन्य शिविर पर हमले के लिए मोदी सरकार को आड़े हाथ लिया है। उनका कहना है कि आतंकियों की घुसपैठ को रोक पाने में ‘चूक’ की वजह से उड़ी हमला हुआ है। सैन्य शिविर पर आतंकी हमले में 17 सैनिक शहीद हुए हैं।
पूर्व रक्षा मंत्री ए.के. एंटनी ने जम्मू एवं कश्मीर में सैन्य शिविर पर हुए हमले को एक गंभीर सुरक्षा चूक करार दिया है।
एंटनी ने दिल्ली में संवावददाताओं से कहा, “यह घटना पठानकोट में हुए हमले की ही तरह है। दोनों जगहों पर आतंकवादी सैन्य शिविरों में प्रवेश करने में कामयाब रहे हैं और यह एक बड़ी सुरक्षा चूक है।”
उन्होंने कहा, “कश्मीर मुद्दा दायरे से बाहर जा रहा है और एक खतरनाक स्तर पर पहुंच रहा है। यह सब पाकिस्तान की जानकारी में हो रहा है।”
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आतंकी हमले को कायराना कृत्य बताया।
हमले की निंदा करते हुए सोनिया ने कहा, “यह हमारी राष्ट्रीय अंतरात्मा का निरादर है और आशा करती हूं कि हमलावरों के पीछे खड़ी ताकतों के साथ कड़ाई से निपटा जाएगा।”
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए शहीदों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई।
पटना में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख लालू प्रसाद ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि उड़ी के पास सेना के शिविर में हुए हमले के लिए जम्मू एवं कश्मीर की स्थिति से निपटने में मोदी की नाकामी जिम्मेदार है।
लालू ने मीडिया से कहा, “मोदी की लापरवाही और नाकामी से जवान मारे जा रहे हैं। कहां गया मोदी का 56 इंच का सीना?”
लालू ने कहा कि आतंकवादी हमला ‘अत्यंत निंदनीय है’, लेकिन केवल निंदा करने से काम नहीं चलेगा।
राजद प्रमुख ने कहा, “केंद्र को आतंकवादियों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए सख्त कदम उठाना होगा।”
लालू ने कहा कि जम्मू एवं कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है, लेकिन ‘केवल बड़ी बातें करने और कोई कदम न उठाने’ के कारण स्थिति नियंत्रण से बाहर हो रही है।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उड़ी में सेना के शिविर पर हुए हमले की निंदा करते हुए कहा कि भारत ऐसे हमलों से नहीं डरेगा।
आम आदमी पार्टी (आप) के नेता ने ट्वीट कर कहा, “मैं उड़ी में हुए कायरतापूर्ण हमले की कड़ी निंदा करता हूं, जिसमें 17 जवान शहीद हो गए। मैं उड़ी हमले में शहीद होने वालों के परिवारों के प्रति तहेदिल से संवेदनाएं व्यक्त करता हूं।”
एक अन्य आप नेता आशीष खेतान ने कहा, “हम सरकार के साथ हैं।”
चंडीगढ़ में कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह ने रविवार को जम्मू एवं कश्मीर में उड़ी शहर के पास सेना के शिविर पर हुए आतंकी हमले की निंदा की और केंद्र सरकार से कड़ी कार्रवाई की मांग की।
अमरिंदर ने एक बयान में कहा, “हमने पाकिस्तान को काफी मौका दिया है। अब निर्णायक कार्रवाई करने का समय आ गया है क्योंकि संयम का समय अब समाप्त हो चुका है।”
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि आतंकवादी हमला पाकिस्तान की बेहद घृणित और उकसाने वाली कार्रवाई है, जिसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए और उसका उसी प्रकार जवाब दिया जाना चाहिए।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा, “क्रूर उकसावे का उसी क्रूरता से जवाब दिया जाना जरूरी है और हमें इसमें संकोच नहीं करना चाहिए।”
सिंह ने केंद्र की नीति को तुष्टिकरण बताते हुए कहा, “एक राष्ट्र के तौर पर हमें पाकिस्तान को साफ और स्पष्ट तरीके से बता देना चाहिए कि बहुत हो गया और अब हम इसे और अधिक बर्दाश्त नहीं करेंगे।”
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने रविवार को जम्मू एवं कश्मीर में 17 जवानों की हत्या की निंदा की और पाकिस्तान से कहा कि वह आतंकवाद की सहायता करना व इसे उकसाना बंद करे।
माकपा ने कहा, “माकपा हमेशा इस बात पर कायम रही है कि आतंकवाद जम्मू एवं कश्मीर की समस्या का हल नहीं है।”
वाम दल ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से केवल स्थिति बिगड़ती है। पाकिस्तान को हर हाल में आतंकवादी ताकतों को उकसाना और सहायता करना बंद करना चाहिए। इस तरह की गतिविधियां इस इलाके में शांति प्रक्रिया के मार्ग में सबसे बड़ी बाधा हैं।
पार्टी ने कहा कि बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती के बावजूद सरकार आतंकियों की निरंतर घुसपैठ को रोकने में विफल हुई है।
माकपा ने दोहराया कि कश्मीर समस्या के एक दीर्घकालीन हल के लिए बिना किसी विलंब के सभी पक्षों के साथ राजनीतिक वार्ता शुरू की जानी चाहिए।
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