नए भवन में मंगलवार को राज्यपाल राम नाईक, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व कई न्यायाधीश न्यायालय के परिसर में पहुंचे। यहां राज्यपाल का स्वागत गार्ड ऑफ ऑनर से किया गया। परिसर के केंद्रीय लॉन में झंडारोहण और राष्ट्रगान का आयोजन किया गया। इससे पूर्व सोमवार को न्यायालय के पुराने भवन में ‘फेयरवेल’ भी संपन्न हुआ।
नए भवन को बनाने में 1300 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। हालांकि, इसका शुरुआती बजट 700 करोड़ रुपये था। वर्ष 2012 में शुरू हुए नए भवन का निर्माण तीन साल में किया गया है। नए भवन की खासियत यह है कि इसे जिस तरफ से भी देखा जाए, उसका फ्रंट उसी तरफ से दिखेगा।
नए भवन में बैंक, रिजर्वेशन काउंटर, डिस्पेंसरी, पोस्ट ऑफिस, पुलिस स्टेशन, फॉयर ब्रिगेड जैसी सुविधाओं के साथ-साथ न्यायाधीशों को तनाव से बचाने के लिए फिजियोथैरेपी सेंटर की व्यवस्था की गई है। कोर्ट रूम में ज्यादातर लकड़ी का इस्तेमाल किया गया है। न्यायालय परिसर में अंतर्राष्ट्रीय सुविधाओं वाला जिम भी उपलब्ध है। न्यायालय की लाइब्रेरी में करीब एक लाख किताबें उपलब्ध हैं। पूरे परिसर को वाईफाई से लैस किया गया है।
न्यायालय परिसर में तीन हजार कारों के पार्किं ग की व्यवस्था भी की गई है। एक और खास बात नए भवन की यह है कि न्यायालय में इस तरह से रास्ते बनाए गए हैं कि न्यायाधीशों और अधिवक्ताओं का आमना-सामना न हो।
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