अगरतला, 1 नवंबर (आईएएनएस)। एक राष्ट्रीय कार्यक्रम के हिस्से के तौर पर, त्रिपुरा में साल 2015-16 के संदर्भ में 10वीं कृषि गणना की शुरुआत हुई।
अधिकारियों ने कहा कि देश के कई भागों में गणना की शुरुआत तीन फरवरी को हुई थी और इसकी अंतिम रपट का प्रकाशन 2018 में किया जाएगा।
त्रिपुरा के कृषि गणना आयुक्त अमित राय बर्मन ने आईएएनएस से कहा, “कृषि गणना का काम मंगलवार को शुरू किया गया और यह 31 दिसंबर तक चलेगा। गणना का कार्य कई चरणों और विविध अवधि में किया जाना है।”
“राजस्व, कृषि, बागवानी, वित्त, सांख्यिकी के अधिकारी और जिला प्रशासन के अधिकारी दो साल लंबी इस प्रक्रिया में शामिल रहेंगे। इस बड़े कार्य की शुरुआत से पहले इससे जुड़े अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया है।”
अधिकारी के अनुसार, कृषि गणना का कार्य भारत में पांच साल के अंतराल पर किया जाता है। इसमें कृषि जोत से जुड़ी संरचनात्मक जानकारी जुटाई जाती है।
आकड़ों के संग्रह की बुनियादी सांख्यिकी इकाई ‘परिचालन स्वामित्व’ है।
यह गणना बड़ा सांख्यिकी कार्य है और इस संग्रहित जानकारी का इस्तेमाल नीतियां बनाने, योजानाएं, प्रशासन, शोध और अकादमिक कार्यो के लिए किया जाता है। इसे पहली बार भारत सरकार ने 1970-71 में शुरू किया था।
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