जानकारी के मुताबिक, बीपत के घर के पिछले हिस्से झोपड़ी है। इसी झोपड़ी में परिवार के सदस्यों का भोजन बनता है। शनिवार सुबह भोजन बनाते समय चूल्हे के पास खुशनाज (4) पुत्री कयूम, साहिल (4) पुत्र नईम और नूरूलनिशा (5) पुत्री इदरीस बैठे थे।
इसी दौरान झोपड़ी में आग लग गई और तीनों मासूम आग में फंस गए। जब तक परिजनों को आग की जानकारी मिल पाई, तब तक झोपड़ी धू-धू कर जल रही थी और उसमें जलकर तीनों मासूमों ने दम तोड़ दिया।
सूचना मिलने पर एसडीएम सुरेश चंद्र शर्मा, तहसीलदार इरफानुल्लाह खान और एसओ ओमप्रकाश यादव मौके पर पहुंचे और मौके का जायजा लिया।
dharmpath.com dharmpath