चेन्नई, 19 जनवरी (आईएएनएस)। तमिलनाडु में बैल को काबू करने के प्राचीन और लोकप्रिय खेल जल्लीकट्ट के समर्थन में गुरुवार को भी व्यापक प्रदर्शन जारी है।
चेन्नई में मरीना बीच पर बुधवार को पूरी रात प्रदर्शनकारियों का जमावड़ा रहा और गुरुवार सुबह उन्होंने इस इलाके की साफ सफाई में मदद की।
मरीना बीच पर बुधवार को एकत्र हुए हजारों युवकों और युवतियों ने न केवल जल्लीकट्ट से प्रतिबंध हटाने की मांग की, बल्कि उन्होंने पशु अधिकार संगठन पीपुल फॉर एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स (पेटा) पर प्रतिबंध लगाने की भी मांग की।
चेन्नई और राज्य के अन्य हिस्सों में स्थित कई कॉलेजों में अवकाश घोषित कर दिया गया है, जिसके चलते मरीना पर और भी छात्रों के प्रदर्शन में शामिल होने की संभावना है।
सर्वोच्च न्यायालय ने मई 2014 में जल्लीकट्ट के आयोजन पर रोक लगा दी थी।
इसके बाद से ही लोग केंद्र सरकार से जल्लीकट्टू के आयोजन की अनुमति के लिए जरूरी कानूनी कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सर्वोच्च न्यायालय ने जल्लीकट्ट पर रोक लगाकर तमिल संस्कृति का अपमान किया है।
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