नई दिल्ली, 22 जनवरी (आईएएनएस)। बीते कुछ महीनों में हुए ट्रेन हादसों ने भारतीय रेलवे में एक बार फिर मरम्मत, आधारभूत ढांचे के उन्नयन और सुरक्षा के मुद्दे को सतह पर ला दिया है।
नई दिल्ली, 22 जनवरी (आईएएनएस)। बीते कुछ महीनों में हुए ट्रेन हादसों ने भारतीय रेलवे में एक बार फिर मरम्मत, आधारभूत ढांचे के उन्नयन और सुरक्षा के मुद्दे को सतह पर ला दिया है।
बीते साल कानपुर के पास हुए ट्रेन हादसे में उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा पाकिस्तानी खुफिया संस्था आईएसआई का हाथ होने का इशारा करने के बाद रेल सुरक्षा के मुद्दे ने एक अप्रत्याशित मोड़ ले लिया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह सही है कि हाल की दुर्घटनाओं में साजिश और तोड़फोड़ की आशंकाओं को खारिज नहीं किया जा सकता, लेकिन ‘खराब आधारभूत ढांचा’ इन लगातार हो रहे हादसों के पीछे का ‘अत्यंत महत्वपूर्ण पहलू’ है।
आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले के कुनेरू स्टेशन के पास शनिवार को जगदलपुर-भुवनेश्वर हीराखंड एक्सप्रेस के पटरी से उतरने की वजह से 39 लोगों की मौत हो गई और 50 अन्य घायल हो गए।
हादसा जहां हुआ, उस इलाके में नक्सली सक्रिय हैं। शुरू में रेलवे अधिकारियों ने कहा कि हादसे की वजह तोड़फोड़ हो सकती है, लेकिन बाद में ओडिशा सरकार ने इस संभावना से इनकार किया।
पूर्व रेलवे अधिकारी पी.सी.सहगल ने आईएएनएस से कहा कि रेलवे में उपकरणों की खामियों से निपटने के लिए आधारभूत ढांचे में सुधार की जरूरत है।
उन्होंने कहा, “2001-2006 से सरकार रेलवे के आधारभूत ढांचे, जैसे डिब्बे-इंजन व पटरियों के उन्नयन के नाम पर 25 हजार करोड़ दे चुकी है। अब हादसे रोकने के लिए ऐसा ही प्रयास उपकरणों की खामियों को दूर करने के लिए भी होना चाहिए।”
मुंबई रेल विकास निगम के पूर्व महाप्रबंधक सहगल ने कहा, “और, अगर डर तोड़फोड़ का है तो फिर सरकार को बचाव के उपाय करने चाहिए।”
रेलवे बोर्ड के पूर्व चेयरमैन विवेक सहाय ने कहा कि जब तक सरकार आतंकी साजिश की बात को नकार न दे, तब तक तकनीकी पहलुओं पर टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए।
रेलवे के एक पूर्व वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि हीराखंड एक्सप्रेस हादसे में तोड़फोड़ की आशंका ‘पचने वाली बात’ नहीं लगती है क्योंकि हादसा स्टेशन यार्ड में हुआ जहां स्टाफ हमेशा तैनात रहता है।
उन्होंने कहा, “आईएसआई के होने से जुड़ी रिपोर्ट ने हादसों के बारे में हमारे नजरिए को बदल दिया है। लेकिन, हमें भूलना नहीं चाहिए कि बीते दो साल में रेलवे का आधारभूत ढांचा बदतर हुआ है।”
इस बीच, रेल मंत्रालय ने कहा है कि हीराखंड एक्सप्रेस हादसे की रेलवे संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) द्वारा जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
भारतीय रेल के अतिरिक्त महानिदेशक (जनसंपर्क) अनिल कुमार सक्सेना ने आईएएनएस से कहा, “सीआरएस जांच में सभी पहलुओं पर नजर रहेगी। जैसे कि क्या पटरियों को क्षति पहुंचाई गई है या फिर क्या तोड़फोड़ हुई है या फिर यह कि क्या हादसा ड्राइवर की गलती से हुआ है?”
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