नई दिल्ली, 29 जनवरी (आईएएनएस)। कोरियोग्राफर-फिल्मकार फराह खान का कहना है कि हिंदी फिल्मों की निंदा करने वालों को बोरिंग फिल्में देखने की सजा मिलनी चाहिए।
‘मैं हूं ना’, ‘ओम शांति ओम’, ‘तीस मार खां’ या ‘हैप्पी न्यू ईयर’ जैसी फिल्मों के निर्देशन के लिए पहचानी जाने वाली फराह को गीत और डांस सीक्वेंस के निर्देशन के लिए भी जाता जाता है।
फराह ने कहा कि अक्सर लोग हिंदी फिल्मों को बॉलीवुड मसाला फिल्म या बॉलीवुड आइटम गीत जैसे नामों से पुकारते हैं। फराह ने कहा कि यह हमेशा यहां होता है।
फराह ने फोन पर आईएएनएस से कहा,”यह निरंतर बने रहने वाला कारक है। इन लोगों को यहां फ्रेंच या पोलिश सिनेमा देखना चाहिए। उनकी सजा है कि उन्हें अपने पूरे जीवन में बोरिंग फिल्म देखनी चाहिए।”
फराह ने 80 हिंदी फिल्मों में 100 से अधिक नृत्यों का निर्देशन किया है। उन्होंने कहा कि किस तरह विदेशों में बॉलीवुड के गीत और नृत्य के दृश्य पसंद किए जाते हैं।
उन्होंने कहा, “जब भी मैं विदेश जाती हूं तो देखती हूं लोगों को बॉलीवुड कितना पसंद है। उन्हें हमारी फिल्में, गीत और नृत्य पसंद हैं। ये लोग (बॉलीवुड आलोचक) उद्योग को बाहरी लोगों के नजरिए से देखें। हमारे लिए बॉलीवुड घर की मुर्गी बन गया है।”
फराह इन दिनों ‘झलक दिखलाजा 9’ और रियलिटी शो ‘इंडियन आइडल 9’ में निर्णायक के तौर पर दिखाई दे रही हैं।
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