तिरुवनंतपुरम, 4 मार्च (आईएएनएस)। केरल में सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने शनिवार को राज्य सरकार से मध्य प्रदेश के उज्जैन में मुख्यमंत्री पिनराई विजयन का सिर कलम करने वाले को एक करोड़ रुपये का इनाम देने की घोषणा करने वाले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के पूर्व प्रचार प्रमुख कुंदन चंद्रावत के खिलाफ मामला दर्ज कराने को कहा है।
माकपा के राज्य सचिव कोदियेरी बालकृष्णन ने एक बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि विजयन सरकार के पास चंद्रावत के खिलाफ मामला दर्ज कराने के अलावा और कोई चारा नहीं है, क्योंकि मध्य प्रदेश में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजापा) सरकार द्वारा उनके (चंद्रावत) खिलाफ कार्रवाई की उन्हें कोई उम्मीद नहीं है।
बालकृष्णन ने कहा, “राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) भी उनके खिलाफ मामला दर्ज कर सकती है, लेकिन यह भी नहीं होगाा, क्योंकि केंद्र में भाजपा की सरकार है और इसलिए कोई मामला दर्ज नहीं होगा।”
राज्य के पूर्व गृह मंत्री बालकृष्णन ने कहा, “इसलिए, हमने (माकपा) टिप्पणी की गंभीरता को देखते हुए केरल सरकार से आरएसएस प्रचारक के खिलाफ मामला दर्ज करने को कहा है, क्योंकि इस टिप्पणी का हमारे राज्य पर असर पड़ सकता है।”
उन्होंने कहा कि आरएसएस द्वारा चंद्रावत के खिलाफ उठाया गया कदम काफी नहीं है और व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए मामला दर्ज किया जाना चाहिए।
मामला गरम होने पर शुक्रवार को आरएसएस प्रचारक को उनके पद से हटा दिया गया।
उल्लेखनीय है कि चंद्रावत ने बीते एक मार्च को भाजपा सांसद चिंतामन मालवीय, भाजपा विधायक मोहन यादव तथा आरएसएस के अन्य पदाधिकारियों की उपस्थिति में विजयन का सिर काटकर लाने वाले को एक करोड़ रुपये का इनाम देने का ऐलान किया था। यह वीडियो बाद में वायरल हो गया।
चंद्रावत ने गुरुवार को कहा था कि उन्हें अपनी टिप्पणी को लेकर खेद नहीं है, जबकि आरएसएस की केरल इकाई ने चंद्रावत के बयान से खुद को अलग कर लिया।
उधर, मध्य प्रदेश के उज्जैन में पुलिस ने चंद्रावत के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। माधवनगर थाने के प्रभारी एम. एस. परमार ने शनिवार को आईएएनएस को बताया, “डॉ. कुंदन चंद्रावत के बयान पर संज्ञान लेते हुए पुलिस ने शुक्रवार रात को धारा 505 (लोक शांति के भंग होने की आशंका और वर्ग संघर्ष की स्थिति पैदा होने के आसार) के तहत मामला दर्ज कर लिया।”
मामले पर विवाद बढ़ता देख संघ ने शुक्रवार को चंद्रावत को तमाम दायित्वों से मुक्त कर दिया था।
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