मारुति कारखाना हिंसा में 31 दोषी, 117 बरी

गुरुग्राम, 10 मार्च (आईएएनएस)। हरियाणा के एक सत्र न्यायालय ने गुरुग्राम के पास 2012 में मारुति सुजुकी कारखाने के मानेसर प्लांट में हुए हिंसा में 31 पूर्व कर्मचारियों को दोषी ठहराया जबकि 117 को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।

दोषियों की सजा अवधि पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश आर.पी. गोयल बाद में फैसला सुनाएंगे।

18 जुलाई, 2012 को कार निर्माता कंपनी द्वारा बर्खास्त किए जाने और पुलिस द्वारा मामला दर्ज किए जाने के बाद जेल भेजे गए 148 कर्मचारियों में कोई भी लंबे समय तक जमानत नहीं ले सका।

सर्वोच्च न्यायालय ने 23 फरवरी, 2015 को 148 अरोपियों में से केवल दो को जमानत दी थी।

मानेसर प्लांट में हुई हिंसा में मारुति सुजुकी के मानव संसाधन विभाग के जनरल मैनेजर अश्विन कुमार देव की मौत हो गई थी और 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए। वहीं हाथापाई में कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे।

यह हिंसा एक पर्यवेक्षक द्वारा कथित तौर पर एक मजदूर को गाली देने और थप्पर मारने के बाद शुरू हुई थी। इस घटना के बाद लगभग 2,500 कर्मचारियों के साथ ही 546 स्थायी कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई थी।

मारुति ने एक महीने से अधिक समय तक प्लांट में तालाबंदी की घोषणा कर दी, जिससे कंपनी को करोड़ों का नुकसान हुआ।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493