रामलीला मैदान निवासी प्रॉपर्टी डीलर सतेंद्र राठौर का पुत्र 16 वर्षीय शिवम, 16 सितंबर, 2010 को कोचिंग से घर लौट रहा था। वह मुहल्ला छपट्टी पहुंचा, तभी लाल रंग की कार में सवार बदमाशों ने उसका अपहरण कर लिया।
घटना की रिपोर्ट अज्ञात अपहरणकर्ताओं के खिलाफ दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने कुछ दिनों की कोशिश के बाद अपहृत शिवम को फरुखाबाद से बरामद कर लिया था।
जांच में पता चला कि शिवम के अपहरण में मैनपुरी निवासी राजीव पांडेय, अलीपुर खेड़ा निवासी रामू बाथम और फतेहगढ़ निवासी संजय, अमित, प्रदीप पाल, प्रदीप कुमार, पूनम, जितेंद्र, सुरेंद्र, शैलेंद्र निवासी का हाथ है। पुलिस ने सभी अभियुक्तों के विरुद्ध अदालत में चार्जशीट पेश की थी।
घटना की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक में हुई थी। अभियोजन पक्ष व बचाव पक्ष की ओर से साक्ष्य पेश हुए थे। पत्रावली पर आए साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे एडीजीसी अनूप कुमार यादव के तर्को के आधार पर न्यायाधीश गुरप्रीत सिंह बाबा ने सभी अभियुक्तों को घटना के लिए दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
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