पटना, 1 सितंबर (आईएएनएस)। बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव भ्रष्टाचार और बेनामी संपत्ति के मुद्दे को लेकर शुक्रवार को आमने-सामने आ गए।
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता व पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव ने उपमुख्यमंत्री व भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता सुशील कुमार मोदी (सुमो) पर अपने भाई की कंपनियों के जरिए काले धन को सफेद करवाने का आरोप लगाया तो सुमो ने भी सफाई देते हुए तेजस्वी पर 26 वर्ष की उम्र में 26 बेनामी संपत्तियों के मालिक होने का आरोप लगाते हुए उनसे जवाब मांगा।
तेजस्वी ने कहा, “सुशील मोदी ने भ्रष्टाचार कर खुद करोड़ों की बेनामी संपत्ति अर्जित कर ली है और वे अपना काला धन अपने भाई आर.के. मोदी की कंपनियों के जरिए सफेद करवाते हैं।”
सुमो राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद के परिवार के खिलाफ बेनामी संपत्ति को लेकर लगातार खुलासा करते रहे हैं।
तेजस्वी ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “सुशील मोदी के बड़े भाई आर.के. मोदी बड़े बिल्डर हैं। देश के कई शहरों में आर.के. मोदी की कंपनी मॉल, अपार्टमेंट और मकान बनाने का काम कर रही है। सुमो अपने भाई के व्यवसाय को पूरी तरह अलग बताते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि आर.के. मोदी की बेनामी कंपनियों के जरिए ही सुमो अपनी काली कमाई को सफेद करते रहे हैं।”
संवाददाता सम्मेलन में राजद नेता जगदानंद सिंह ने पत्रकारों से कहा कि सुशील मोदी के भाई का कोलकाता के एक ही पते पर कई कंपनियां हैं।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 में सुशील मोदी पहली बार बिहार के उपमुख्यमंत्री बने थे और वित्तमंत्री का जिम्मा भी उन्होंने ही संभाला था। वित्तमंत्री रहते सुशील मोदी ने बिहार के खजाने की हिफाजत नहीं की।
सिंह ने बताया कि वर्ष 2006 में सुशील मोदी ने दिल्ली में आर के मोदी की कंपनी से करीब 14.50 लाख रुपये में एक फ्लैट खरीदा। उसका पावर ऑफ अटार्नी आर.के. मोदी को दे दिया। फ्लैट खरीदते समय यह नहीं बताया गया कि किस माध्यम से भुगतान किया जा रहा है। इस फ्लैट को वर्ष 2010 में 85 लाख रुपये में बेच दिया गया।
राजद नेता ने बताया कि फ्लैट बेचने के दौरान बताया गया कि यह भुगतान चेक के माध्यम से लिया गया, लेकिन खरीदने के समय राशि किस रूप में दी गई, यह नहीं बताया गया। उन्होंने कहा कि मोदी ने पिछले कार्यकाल में बिहार के खजाने का दुरुपयोग किया।
उन्होंने केंद्र सरकार से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।
फ्लैट खरीदने संबंधी राजद के आरोपों का करारा जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री सुमो ने कहा, “मैंने तो आईसीआईसीआई बैंक से 10 लाख रुपये कर्ज लेकर और शेष राशि चेक के जरिए देकर फ्लैट खरीदा, जिसकी सारी जानकारी इनकम टैक्स रिटर्न और चुनाव आयोग को देता रहा हूं।”
उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद बताएं कि राबड़ी देवी 18 फ्लैट की मालिक कैसे बन गईं? तेजस्वी यादव 26 वर्ष की उम्र में 26 बेनामी संपत्ति के मालिक कैसे बन गए?
सुमो ने कहा, “अगर लालू प्रसाद चाहें तो मैं उनके घर पर आकर अपनी सभी आय और उसके स्रोतों के बारे में उन्हें बता सकता हूं। मैं 25 वर्षों से विधायक व मंत्री रहा हूं। मेरे पास अपनी आय और खर्च के एक-एक पैसे का हिसाब है। मगर क्या लालू प्रसाद, तेजस्वी और राबड़ी देवी अपनी हजार करोड़ की बेनामी संपत्ति के बारे में बता सकते हैं?”
उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि क्या वे बतायेंगे अनेक राजनेताओं ने उनके परिजनों को अपनी जमीन और मकान उपहार में क्यों दिए? करोड़ों की परिसंपत्ति वाली खोखा (मुखौटा) कंपनियों के मालिक तेजस्वी, राबड़ी और उनकी बेटियां कैसे बन गईं?
भाजपा नेता ने लालू को चुनौती देते हुए कहा, “वे अपने परिजनों की तमाम बेनामी संपत्तियों का खुलासा करें और उनके स्रोत बताएं। अब तक जितने भी उन पर आरोप लगे हैं, उसका बिंदुवार और तथ्यात्मक जवाब दें। थोथी दलीलें और गाल बजाने तथा दूसरों पर अनर्गल, बेबुनियाद और निराधार आरोप मढ़ने से उनका गुनाह छुप नहीं जाएगा।”
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