नई दिल्ली, 27 सितम्बर (आईएएनएस)। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह ने कहा कि कृषि लोगों के जीवन और देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, जहां 50 प्रतिशत से अधिक लोग अपनी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर हैं।
देश को विकसित करने के लिए कृषि और किसान, दोनों को विकसित करने की जरूरत है।
केंद्रीय मंत्री राधा मोहन सिंह ने यहां बुधवार को कृषि भवन में स्टार्ट अप कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) के साथ बैठक की। उन्होंने कहा, “देश में कृषि विकास का लक्ष्य किसानों की आमदनी को दोगुनी करना है। सीमित संसाधनों और जमीन के निश्चित क्षेत्र की उपलब्धता के साथ, यह प्रौद्यौगिकी की सहायता के बिना हासिल नहीं किया जा सकता है, साथ ही इसे कम लागत, किसान के अनुकूल एवं मापनीय होने की जरूरत है।”
कृषि मंत्रालय किसानों के हित की कई योजनाएं चला रहा है, जैसे कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, राष्ट्रीय कृषि बाजार-(ई-नेम), परंपरागत कृषि विकास योजना, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना।
सिंह ने कहा, “यह सभी योजनाएं किसानों को विभिन्न तरह की सहायता प्रदान कर रही हैं। जैसे मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना, इससे मिट्टी के स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी और उर्वरकों की लागत भी कम हो जाएगी। इस कार्यक्रम के लिए लाखों मिट्टी के नमूनों का विश्लेषण करना होगा, जिसमें अत्यधिक समय और परिश्रम की आवश्यकता है।”
उन्होंने कहा कि मिट्टी के नमूने की जांच के लिए ऐसी तकनीक की जरूरत है, जिसमें कम लागत वाले हाथ से धारित (हैंड डिवाइस) से काम हो जाए, अर्थात इसके लिए मृदा संवेदक या मिट्टी की उर्वरता मूल्यांकन के किसी भी गैर विनाशकारी विधि की जरूरत है जो तकनीक का उपयोग करके मिट्टी के स्वास्थ्य का दूरुस्थ रूप से मूल्यांकन कर सके।
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